यूरो फिलहाल 1.1413 के आसपास कारोबार कर रहा है। एशियाई सत्र के दौरान यह 1.1397 के निचले स्तर से उछला है और आने वाले घंटों में इसके आगे बढ़ने की संभावना है, क्योंकि यह स्तर 24 जून से बने अपट्रेंड चैनल की निचली सीमा के साथ मेल खाता है।
यदि आने वाले घंटों में यूरो 1.1431 के स्तर तक पहुंचता है, जहां 21-अवधि का सरल मूविंग एवरेज (21 SMA) स्थित है, तो वहां से एक तकनीकी करेक्शन देखने को मिल सकता है और EUR/USD वापस 1.1400 के स्तर की ओर फिसल सकता है।
इसके विपरीत, यदि यूरो 1.1435 के स्तर के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट देता है, तो इसमें तेज़ी से बढ़त जारी रह सकती है। ऐसी स्थिति में कीमत पहले मरे 6/8 स्तर यानी लगभग 1.1474 तक पहुंच सकती है और उसके बाद 200 EMA के करीब 1.1497 के स्तर का भी परीक्षण कर सकती है।
1.1431 का स्तर विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहेगा। यदि यूरो 21-अवधि के SMA के ऊपर मजबूती से टिक जाता है, तो इसे एक सकारात्मक संकेत माना जाएगा। ऐसा होने पर यह जुलाई की शुरुआत से बने डाउनट्रेंड चैनल से भी निर्णायक ब्रेकआउट का संकेत देगा।
हालांकि, फिलहाल यूरो पर नीचे की ओर दबाव बना हुआ है। इसलिए यदि कीमत 1.1431 या 1.1440 तक पहुंचती है, तो वहां से 1.1400 के लक्ष्य के साथ शॉर्ट (Sell) पोज़िशन पर विचार किया जा सकता है। यदि बिक्री का दबाव और बढ़ता है तथा कीमत अपट्रेंड चैनल के नीचे निर्णायक रूप से टूट जाती है, तो EUR/USD के मरे 5/8 स्तर यानी लगभग 1.1352 तक गिरने की संभावना बन सकती है।