EUR/USD. साप्ताहिक पूर्वावलोकन (Weekly Preview).

EUR/USD जोड़ी के ट्रेडर्स के लिए आगे एक व्यस्त सप्ताह आने वाला है। यह सप्ताह महत्वपूर्ण जानकारियों से भरा हुआ है और इसलिए इसमें बाजार में तेज उतार-चढ़ाव (वोलैटिलिटी) आने की संभावना है।

बाजार का मुख्य ध्यान जून महीने के अमेरिकी महंगाई (Inflation) के आंकड़ों, फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श की कांग्रेस के सामने दो दिवसीय गवाही, और मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने के बाद अमेरिका-ईरान वार्ता में होने वाली आगे की गतिविधियों पर रहेगा।

भू-राजनीति (Geopolitics)

यह अनुमान लगाया जा सकता है कि नई ट्रेडिंग सप्ताह की शुरुआत तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और अमेरिकी डॉलर की मजबूती के साथ हो सकती है। इसका कारण मध्य पूर्व में हाल की घटनाएं हैं। रविवार को अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में एक नागरिक जहाज पर हुए हमले के जवाब में ईरानी ठिकानों पर तीसरे दौर के हमले किए गए। यह हमला साइप्रस के झंडे वाले एक कंटेनर जहाज पर किया गया था, जो जलडमरूमध्य से गुजर रहा था।

इसके जवाब में तेहरान ने फिर से मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। विशेष रूप से, कतर, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अधिकारियों ने अपनी वायु रक्षा प्रणालियों के सक्रिय होने की जानकारी दी।

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की भी घोषणा की है, जिसके बाद वहां से जहाजों की आवाजाही न्यूनतम स्तर तक गिर गई। समुद्री निगरानी एजेंसी MarineTraffic के आंकड़ों के अनुसार, रविवार को केवल कुछ ही जहाज होर्मुज से गुजरे।

ऐसा लगता है कि आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान एक-दूसरे के खिलाफ कड़े बयान जारी करते रहेंगे और इसके साथ सीमित सैन्य कार्रवाइयां भी जारी रह सकती हैं। वहीं, कूटनीतिक रास्ता संभवतः खुला रहेगा। दोनों पक्ष मध्यस्थों के माध्यम से बंद कमरे में बातचीत जारी रख सकते हैं ताकि भविष्य में वार्ता दोबारा शुरू करने के लिए परिस्थितियां बनाई जा सकें।

मेरे विचार में, इस समय पूरी तरह से कूटनीति छोड़ देने की संभावना, इसे दोबारा बहाल करने की संभावना से कम दिखाई देती है। दोनों पक्ष पहले ही बातचीत की प्रक्रिया में काफी राजनीतिक संसाधन लगा चुके हैं। इसके अलावा, युद्धविराम के विकल्प के रूप में एक लंबा क्षेत्रीय संघर्ष सामने आएगा, जिसके गंभीर आर्थिक और राजनीतिक परिणाम ईरान और अमेरिका दोनों के लिए हो सकते हैं।

यह सब संकेत देता है कि आने वाले दिनों में EUR/USD की चाल मुख्य रूप से मुद्रा बाजार में जोखिम से बचने वाली भावना (Risk Aversion Sentiment) से तय होगी। यदि एक और तनाव बढ़ने के बाद वॉशिंगटन और तेहरान फिर से बातचीत की प्रक्रिया में लौटते हैं (जैसा पहले भी हुआ है), तो ट्रेडर्स का ध्यान जल्दी ही भू-राजनीति से हटकर मैक्रोइकोनॉमिक घटनाओं पर केंद्रित हो जाएगा।

इस स्थिति में अमेरिका के जून महीने के महंगाई आंकड़े सबसे महत्वपूर्ण होंगे, खासकर CPI (Consumer Price Index) और PPI (Producer Price Index) रिपोर्ट, जो फेडरल रिजर्व की भविष्य की नीतियों को लेकर बाजार की उम्मीदों को काफी प्रभावित कर सकती हैं।

मैक्रोइकोनॉमिक डेटा (Macroeconomic Data)

इस सप्ताह EUR/USD के लिए सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक रिपोर्ट अमेरिका से मंगलवार और बुधवार को जारी होंगी।

सबसे पहले, 14 जुलाई को जून महीने का Consumer Price Index (CPI) जारी किया जाएगा। अधिकांश विश्लेषकों के अनुसार, कुल CPI में थोड़ी गिरावट आने की उम्मीद है और यह सालाना आधार पर 4.0% तक धीमा हो सकता है (कुछ अनुमान 3.9% का भी संकेत देते हैं)। मई में यह आंकड़ा बढ़कर 4.2% हो गया था। यह गिरावट मुख्य रूप से ऊर्जा कीमतों में कमी के कारण हो सकती है।

हालांकि, कोर CPI (Core Inflation) मई के स्तर यानी 2.9% पर बने रहने की उम्मीद है, जो सर्विस सेक्टर में जारी मूल्य दबाव को दर्शाएगा।

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि कोर महंगाई की दिशा फेड की भविष्य की नीतियों को लेकर बाजार की उम्मीदों के लिए निर्णायक होगी।

यदि कोर CPI अनुमान के अनुसार आता है या "ग्रीन जोन" में रहता है, तो बाजार का यह विश्वास मजबूत होगा कि फेड निकट भविष्य में ब्याज दरों में कटौती करने में जल्दबाजी नहीं करेगा। इसके अलावा, साल की दूसरी छमाही में ब्याज दर बढ़ाने की संभावना भी चर्चा में बनी रह सकती है।

ऐसा परिणाम डॉलर को समर्थन देगा, भले ही मुख्य CPI आंकड़ा धीमी महंगाई दिखाए।

इसके विपरीत, यदि कोर CPI उम्मीद से काफी नीचे आता है, तो बाजार में डोविश (कम ब्याज दर समर्थक) भावना मजबूत होगी और इससे डॉलर पर दबाव बढ़ सकता है।

अगले दिन यानी 15 जुलाई को अमेरिका का Producer Price Index (PPI) जारी होगा। अनुमान के अनुसार, कुल PPI मई के रिकॉर्ड 6.5% से घटकर 6.3% रह सकता है।

कोर PPI के 4.9% पर स्थिर रहने की उम्मीद है। EUR/USD पर प्रभाव के लिहाज से फिर से कोर आंकड़ा सबसे महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि इससे पता चलेगा कि अस्थिर तत्वों को हटाने के बाद भी मूल्य दबाव कितना मजबूत है।

यदि PPI यह पुष्टि करता है कि उत्पादकों की कीमतें अभी भी ऊंची बनी हुई हैं, तो यह फेड की हॉकिश (सख्त मौद्रिक नीति) स्थिति को और समर्थन देगा।

महंगाई रिपोर्ट के अलावा, EUR/USD में उतार-चढ़ाव अमेरिका के जून महीने के Retail Sales Data से भी प्रभावित हो सकता है, जो गुरुवार 16 जुलाई को जारी होगा।

मई में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन के बाद, जहां नाममात्र बिक्री में 0.9% की वृद्धि हुई थी और GDP में शामिल कंट्रोल ग्रुप में 0.7% की बढ़ोतरी हुई थी, जून की रिपोर्ट यह बताएगी कि यह वृद्धि केवल महंगाई और पेट्रोल कीमतों के कारण थी या वास्तव में उपभोक्ता गतिविधि मजबूत बनी हुई है।

बाजार का अनुमान है कि कुल बिक्री वृद्धि धीमी होकर 0.3% और कंट्रोल ग्रुप 0.4% रह सकता है। डॉलर समर्थकों के लिए जरूरी है कि ये आंकड़े सकारात्मक यानी शून्य से ऊपर बने रहें।

कांग्रेस में केविन वार्श की पहली गवाही (Warsh's Debut in Congress)

नए फेड चेयरमैन केविन वार्श की कांग्रेस के सामने दो दिवसीय गवाही (मंगलवार और बुधवार) इस सप्ताह की प्रमुख घटनाओं में से एक होगी।

ट्रेडर्स उनके द्वारा महंगाई जोखिम, श्रम बाजार की स्थिति और मौद्रिक नीति के भविष्य के आकलन पर करीब से नजर रखेंगे।

जून की फेड बैठक में वार्श के रुख को देखते हुए अनुमान लगाया जा सकता है कि वह महंगाई के लगातार बने रहने और ब्याज दरों को मौजूदा स्तर पर बनाए रखने की जरूरत पर जोर देंगे, जब तक कि कीमतों में गिरावट के स्पष्ट संकेत नहीं मिलते।

उनके भाषण का मुख्य आकर्षण यह होगा कि क्या वह फेड द्वारा अधिक आक्रामक कदम उठाने का संकेत देते हैं।

यदि वह साल की दूसरी छमाही में ब्याज दर बढ़ाने की संभावना को स्पष्ट रूप से स्वीकार करते हैं, तो डॉलर को बाजारों में मजबूत समर्थन मिल सकता है।

वहीं, यदि वह अनुमान के विपरीत तेजी से मौद्रिक नीति में ढील देने का संकेत देते हैं, तो डॉलर पर भारी दबाव आ सकता है।

यह ध्यान रखना चाहिए कि यह केविन वार्श की फेड प्रमुख के रूप में कांग्रेस के सामने पहली उपस्थिति होगी, इसलिए जून बैठक की तुलना में उनकी भाषा या रुख में कोई भी बदलाव मुद्रा बाजार में अधिक अस्थिरता पैदा कर सकता है।

तकनीकी विश्लेषण (Technical Analysis)

EUR/USD का तकनीकी चित्र यह संकेत देता है कि गिरावट की गति कमजोर हो रही है और जोड़ी एक "कंसोलिडेशन फेज" (सीमित दायरे में कारोबार) में प्रवेश कर रही है।

डेली चार्ट पर जोड़ी अभी भी कुमो क्लाउड (Ichimoku Cloud) के नीचे है, जो लंबे समय के मंदी वाले रुझान को दर्शाता है। लेकिन जोड़ी को 1.1330 स्तर पर स्थानीय समर्थन मिला है (D1 टाइमफ्रेम पर लोअर बोलिंजर बैंड लाइन)।

वर्तमान में EUR/USD 1.1370 – 1.1460 के दायरे में फंसी हुई है।

चार घंटे के चार्ट पर बोलिंजर बैंड का काफी संकरा होना बाजार में कम वोलैटिलिटी और दबाव जमा होने का संकेत देता है। वहीं, Tenkan-sen और Kijun-sen लाइनों का आपस में मिलना यह दर्शाता है कि फिलहाल खरीदारों और विक्रेताओं के बीच संतुलन बना हुआ है।

यदि बाजार में जोखिम से बचने की भावना दोबारा मजबूत होती है और इस सप्ताह की प्रमुख रिपोर्टें डॉलर के पक्ष में आती हैं, तो विक्रेता 1.1400 के सपोर्ट स्तर को तोड़ने की कोशिश करेंगे। इसके बाद उनका अगला लक्ष्य 1.1330 हो सकता है।

वैकल्पिक परिदृश्य (Alternative Scenario)

यदि जोखिम वाली संपत्तियों में दोबारा रुचि लौटती है (यानी अमेरिका और ईरान बातचीत की मेज पर लौटते हैं) और CPI तथा PPI दोनों में गिरावट आती है, तो EUR/USD 1.1460 के ऊपर निकलकर 1.1500 के स्तर को टेस्ट कर सकता है।