EUR/USD मुद्रा जोड़ी सोमवार को भी बेहद कम अस्थिरता (Low Volatility) के साथ मुख्य रूप से साइडवेज़ (Sideways) दायरे में कारोबार करती रही। लगातार आठवें कारोबारी दिन बाजार में कम उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जो पूरी तरह फ्लैट (Flat) बाजार की स्थिति को दर्शाता है। यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है, क्योंकि फिलहाल ट्रेडरों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़े और बड़ी खबरें बहुत कम उपलब्ध हैं।
सोमवार की सबसे महत्वपूर्ण जानकारी यह रही कि मध्य पूर्व का संघर्ष अब शांति समझौते की तुलना में लंबे समय तक चलने वाले तनाव और टकराव की ओर अधिक बढ़ता दिखाई दे रहा है। तेहरान और वॉशिंगटन दोनों अपने-अपने रुख पर कायम हैं और हर संभव तरीके से दूसरे पक्ष को अपनी शर्तें मानने के लिए मजबूर करने की कोशिश कर रहे हैं। स्वाभाविक रूप से, यह रणनीति सफल होती नहीं दिख रही है।
इसके परिणामस्वरूप कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमत 85 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है और इसके और बढ़ने की संभावना बनी हुई है, क्योंकि होरमुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) एक बार फिर बंद है। ऐसी स्थिति में जहाजों का सुरक्षित आवागमन लगभग असंभव हो गया है। हालांकि, बाजार अब भू-राजनीतिक घटनाओं से काफी हद तक थक चुका है, इसलिए वह ऐसी खबरों पर केवल सीमित प्रतिक्रिया दे रहा है। इसके अलावा फिलहाल कोई अन्य बड़ा आर्थिक घटनाक्रम भी नहीं है।
तकनीकी दृष्टि से देखें तो अब एक नया डाउनट्रेंड (Downtrend) शुरू हो सकता है। आरोही ट्रेंड लाइन (Ascending Trend Line) टूट चुकी है, इचिमोकू (Ichimoku) संकेतक की प्रमुख रेखाओं के नीचे कीमत आ चुकी है और पिछले दो सप्ताह में यूरो में कोई उल्लेखनीय तेजी भी नहीं आई है। वास्तव में, हाल के दिनों में यह जोड़ी ऊपर या नीचे जाने की बजाय अधिकतर साइडवेज़ ही रही है। इसलिए आने वाले समय में भी फ्लैट मूवमेंट की संभावना बनी हुई है। हालांकि, आज जारी होने वाले अमेरिकी महंगाई (U.S. Inflation) के आंकड़े और भू-राजनीतिक घटनाक्रम बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।
5-मिनट (5M) के चार्ट पर सोमवार को केवल एक महत्वपूर्ण ट्रेडिंग सिग्नल बना। यूरोपीय ट्रेडिंग सत्र के दौरान कीमत ने 1.1425–1.1433 के क्षेत्र को पार किया, जिससे खरीद (Buy) का संकेत मिला, लेकिन यह फॉल्स सिग्नल (False Signal) साबित हुआ। इसके अलावा बने अन्य सभी संकेतों पर ट्रेड नहीं करना चाहिए था, क्योंकि प्रत्येक स्थिति में निकटतम लक्ष्य (Target) बहुत पास था।
COT रिपोर्ट (Commitments of Traders Report)सबसे हालिया COT रिपोर्ट 7 जुलाई की है। साप्ताहिक (Weekly) चार्ट से स्पष्ट होता है कि गैर-व्यावसायिक ट्रेडरों (Non-commercial Traders) की नेट पोजीशन (Net Position) अभी भी बुलिश (Bullish) बनी हुई है, लेकिन भू-राजनीतिक घटनाओं के कारण इसमें उल्लेखनीय कमी आई है। पिछले कुछ महीनों में ट्रेडरों ने यूरो की होल्डिंग घटाकर अमेरिकी डॉलर को प्राथमिकता दी है। डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है, लेकिन हाल के समय में अमेरिकी डॉलर ने एक बार फिर "रिज़र्व करेंसी (Reserve Currency)" की भूमिका निभाई है। हालांकि, ऐसा लगता है कि यह प्रक्रिया अब समाप्त हो चुकी है।
हम अभी भी ऐसे कोई मजबूत मौलिक (Fundamental) कारण नहीं देखते जो यूरो को मजबूती प्रदान करें, जबकि अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने के लिए पर्याप्त कारण मौजूद हैं। मध्य पूर्व में युद्ध ने कुछ समय के लिए डॉलर को बेहद आकर्षक बना दिया था, लेकिन जब इस कारक का प्रभाव समाप्त होगा, तो बाजार सामान्य स्थिति में लौट सकता है। संभव है कि यह प्रक्रिया अब शुरू भी हो चुकी हो।
लंबी अवधि में यूरो 1.08 डॉलर (ट्रेंड लाइन के आसपास) तक गिर सकता है, लेकिन इसके बावजूद दीर्घकालिक तेजी (Upward Trend) का रुझान अभी भी कायम रह सकता है। इसके अलावा, हाल के महीनों में डॉलर की मजबूती के बावजूद यह जोड़ी इस ट्रेंड लाइन के बहुत अधिक करीब नहीं पहुंची है।
संकेतक (Indicator) पर लाल (Red) और नीली (Blue) रेखाओं की स्थिति यह दर्शाती है कि फिलहाल बुल्स (खरीदार) और बेयर्स (विक्रेता) लगभग बराबरी की स्थिति में हैं।
पिछले रिपोर्टिंग सप्ताह के दौरान:
"Non-commercial" श्रेणी में लॉन्ग (Long) पोजीशन 12,200 कम हुईं। शॉर्ट (Short) पोजीशन 5,100 बढ़ीं। परिणामस्वरूप, नेट पोजीशन में कुल 17,300 कॉन्ट्रैक्ट्स की गिरावट दर्ज की गई। EUR/USD का 1-घंटे (1H) चार्ट विश्लेषणप्रति घंटा (1H) चार्ट पर पिछले दो महीनों से जारी गिरावट (Downtrend) के भीतर एक सुधारात्मक तेजी (Corrective Uptrend) अभी भी बन रही है। हालांकि, फिलहाल यह जोड़ी आगे बढ़ने की तुलना में साइडवेज़ (Flat) रहने या फिर डाउनट्रेंड दोबारा शुरू होने के अधिक करीब दिखाई देती है। मध्य पूर्व की स्थिति अब भी तनावपूर्ण बनी हुई है और उसमें कोई खास सुधार नहीं हुआ है। बाजार अभी भी यूरो के पक्ष में मौजूद कई सकारात्मक कारकों को नजरअंदाज कर रहा है, इसलिए इस सप्ताह ही EUR/USD में गिरावट दोबारा शुरू हो सकती है।
14 जुलाई के लिए प्रमुख ट्रेडिंग स्तर (Key Trading Levels) 1.1234 1.1274 1.1362 1.1433 1.1536–1.1542 1.1585 1.1657–1.1666 1.1750–1.1760 1.1786 1.1830–1.1837इसके अलावा:
Senkou Span B: 1.1415 Kijun-sen: 1.1425ध्यान रखें कि इचिमोकू (Ichimoku) संकेतक की रेखाएं दिन के दौरान बदल सकती हैं, इसलिए ट्रेडिंग सिग्नल तय करते समय इसे ध्यान में रखना चाहिए।
यदि ट्रेड आपकी दिशा में 15 पिप्स आगे बढ़ जाए, तो स्टॉप-लॉस (Stop Loss) को ब्रेक-ईवन (Breakeven) पर ले जाना न भूलें। यदि बाद में सिग्नल गलत साबित होता है, तो इससे संभावित नुकसान से बचाव हो सकेगा।
मंगलवार के प्रमुख घटनाक्रमआज अमेरिका में महंगाई (Inflation) के महत्वपूर्ण आंकड़े जारी होंगे। हालांकि, मध्य पूर्व के हालिया घटनाक्रम और तेल बाजार की स्थिति को देखते हुए इन आंकड़ों का महत्व कुछ कम हो गया है।
महंगाई में कमी आ सकती है, लेकिन यदि होरमुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) फिर से बंद रहता है, तो तेल की कीमतें तेजी से 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जा सकती हैं। ऐसी स्थिति में महंगाई में गिरावट जारी रहना मुश्किल होगा और फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) को ब्याज दरें बढ़ाने पर विचार करना पड़ सकता है।
इसके अलावा, दोपहर में केविन वॉर्श (Kevin Warsh) का भाषण भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।
ट्रेडिंग सुझाव यदि कीमत Kijun-sen या Senkou Span B से नीचे की ओर लौटती है (Bounce), तो 1.1362 और 1.1274 के लक्ष्य के साथ शॉर्ट (Sell) पोजीशन पर विचार किया जा सकता है। यदि कीमत 1.1362 के स्तर से ऊपर की ओर उछलती है, जो साइडवेज़ चैनल की निचली सीमा का काम कर सकता है, तो 1.1415–1.1433 के लक्ष्य के साथ लॉन्ग (Buy) पोजीशन पर विचार किया जा सकता है।फिलहाल बाजार में अस्थिरता (Volatility) कमजोर बनी हुई है।
चार्ट में प्रयुक्त संकेतकों की व्याख्या मोटी लाल रेखाएं (Thick Red Lines): प्रमुख सपोर्ट (Support) और रेजिस्टेंस (Resistance) स्तर दर्शाती हैं, जहां कीमत की चाल रुक सकती है। ये स्वयं ट्रेडिंग सिग्नल नहीं होतीं। Kijun-sen और Senkou Span B: इचिमोकू (Ichimoku) संकेतक की महत्वपूर्ण रेखाएं हैं, जिन्हें 4-घंटे (4H) के चार्ट से 1-घंटे (1H) के चार्ट पर लिया गया है। इन्हें मजबूत तकनीकी स्तर माना जाता है। पतली लाल रेखाएं (Thin Red Lines): वे स्तर हैं जहां से कीमत पहले पलट चुकी है। ये संभावित ट्रेडिंग सिग्नल प्रदान करती हैं। पीली रेखाएं (Yellow Lines): ट्रेंड लाइन, ट्रेंड चैनल और अन्य तकनीकी पैटर्न को दर्शाती हैं। COT चार्ट का Indicator 1: विभिन्न श्रेणियों के ट्रेडरों की नेट पोजीशन (Net Position) का आकार दर्शाता है।