डॉलर के मुकाबले पाउंड (GBP/USD) ने बुधवार को 1.3557 का स्तर छूते हुए दो महीने का उच्चतम स्तर दर्ज किया। हालांकि गुरुवार को इसमें काफी तेज गिरावट (दक्षिण की ओर पुलबैक) देखने को मिली, फिर भी कुल मिलाकर इस पेयर में आगे और बढ़ने की संभावना बनी हुई है — और यह केवल अमेरिकी डॉलर की कमजोरी के कारण नहीं है।
हालांकि, यह समझना जरूरी है कि गुरुवार को आई इस गिरावट (Correction) के पीछे क्या कारण थे।
ट्रेडर्स ने यूनाइटेड किंगडम के आर्थिक विकास (Economic Growth) के आंकड़ों पर काफी नकारात्मक प्रतिक्रिया दी। यह रिपोर्ट निश्चित रूप से कुछ हद तक मिश्रित (Ambiguous) थी, लेकिन इसे ब्रिटिश मुद्रा के लिए विनाशकारी या बेहद खराब (Catastrophic) नहीं कहा जा सकता।
जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, मई में मासिक GDP (सकल घरेलू उत्पाद) में केवल 0.1% की वृद्धि हुई, जबकि इससे पहले महीने में इसमें 0.1% की गिरावट दर्ज की गई थी। पहली नजर में यह परिणाम कमजोर दिखाई देता है। लेकिन असली स्थिति विवरणों (Details) में छिपी होती है।
सबसे पहले, मुख्य संकेतक (Headline Indicators) उम्मीद से बेहतर रहे और "ग्रीन ज़ोन" में आए। उदाहरण के लिए, अधिकांश विश्लेषकों ने मासिक आधार पर शून्य वृद्धि (0% Growth) का अनुमान लगाया था। लेकिन अर्थव्यवस्था ने अप्रैल की गिरावट और बढ़ती ऊर्जा कीमतों के बाद जिस नकारात्मक परिणाम की आशंका थी, वैसा कोई बड़ा झटका नहीं दिया।
जैसा कि पहले बताया गया, मई में GDP मासिक आधार पर 0.1% बढ़ा, और इतनी कठिन परिस्थितियों में अर्थव्यवस्था का दोबारा वृद्धि की ओर लौटना एक सकारात्मक संकेत है।
दूसरा, सबसे महत्वपूर्ण आंकड़ा मासिक नहीं बल्कि तीन महीने का आंकड़ा (Three-Month Measure) है, जिसे बैंक ऑफ इंग्लैंड (Bank of England) पारंपरिक रूप से आर्थिक स्थिति का अधिक विश्वसनीय संकेतक मानता है।
मई सहित पिछले तीन महीनों में ब्रिटिश अर्थव्यवस्था 0.7% बढ़ी, जबकि अनुमान केवल 0.4% वृद्धि का था।
एक ओर, यह पिछली तीन महीने की अवधि से थोड़ा कम है, जिसमें GDP में 0.8% वृद्धि हुई थी। दूसरी ओर, यह वृद्धि दर अभी भी मजबूत मानी जाती है और यह दिखाती है कि बाहरी परिस्थितियां खराब होने के बावजूद अर्थव्यवस्था में मजबूती बनी हुई है।
इसके अलावा, साल-दर-साल (Year-on-Year) आधार पर GDP में 1.3% की वृद्धि हुई, जो पिछले नौ महीनों में सबसे मजबूत वृद्धि दर है।
अंत में, यह भी ध्यान देने योग्य है कि रिपोर्ट की संरचना काफी सकारात्मक दिखाई देती है।
इस प्रकार, विकास का मुख्य आधार एक बार फिर सेवा क्षेत्र (Services Sector) रहा, जिसमें 0.3% की वृद्धि हुई। विशेष रूप से हाई-टेक उद्योगों में मजबूत प्रदर्शन देखा गया, जिसमें:
सॉफ्टवेयर विकास (Software Development) वैज्ञानिक अनुसंधान (Scientific Research) फार्मास्युटिकल क्षेत्र (Pharmaceutical Sector)शामिल हैं।
यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि ब्रिटेन के GDP में सेवा क्षेत्र का योगदान लगभग 80% है। इसलिए इसकी मजबूती उद्योग या निर्माण क्षेत्र की अस्थायी कमजोरी की तुलना में कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।
हालांकि, अर्थव्यवस्था के अन्य क्षेत्रों ने निराश किया:
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर (Manufacturing Sector) में 0.5% गिरावट आई। कंस्ट्रक्शन सेक्टर (Construction Sector) में 0.8% गिरावट दर्ज हुई।लेकिन इन क्षेत्रों पर दबाव मुख्य रूप से बाहरी कारणों से आया, जैसे:
बढ़ती ऊर्जा कीमतें बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितताइन झटकों के बावजूद ब्रिटिश अर्थव्यवस्था ने सकारात्मक गति बनाए रखी, जो इसकी मजबूती को दर्शाता है।
दूसरे शब्दों में, गुरुवार को जारी रिपोर्ट को "डोविश (Dovish)" नहीं कहा जा सकता। सेवा क्षेत्र की लगातार वृद्धि और मजबूत तीन महीने के आंकड़े बताते हैं कि केंद्रीय बैंक को जल्दबाजी में मौद्रिक नीति आसान करने (Rate Cuts) की आवश्यकता महसूस नहीं होगी।
यह रिपोर्ट फिलहाल प्रतीक्षा और निगरानी (Wait-and-See) की नीति का समर्थन करती है, जो मौजूदा परिस्थितियों में पाउंड के लिए एक महत्वपूर्ण सकारात्मक कारक है।
अब हमें उन कारणों पर दोबारा ध्यान देना चाहिए, जिनकी वजह से बुधवार को GBP/USD में लगभग 200 पिप्स की तेजी आई थी।
यह तेजी केवल डॉलर की कमजोरी के कारण नहीं थी, बल्कि मुख्य रूप से ब्रिटेन के राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण पाउंड की मजबूती से आई थी।
ब्रिटेन के संभावित भविष्य के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम (Andy Burnham) ने बुधवार को कहा कि वह बजट अनुशासन (Budget Discipline) के सिद्धांतों का पालन करेंगे और संभवतः शबाना महमूद (Shabana Mahmood) को वित्त मंत्री (Chancellor of the Exchequer) नियुक्त करेंगे।
निवेशक उन्हें अधिक संयमित वित्तीय नीति (Conservative Fiscal Policy) का समर्थक मानते हैं।
उनकी उम्मीदवारी को सरकार की वित्तीय नियंत्रण नीति जारी रखने और बजट नियमों के पालन के संकेत के रूप में देखा गया।
इसके विपरीत, यदि कोई अधिक वामपंथी रुख वाला उम्मीदवार (जैसे एड मिलिबैंड) नियुक्त होता, तो बाजार में सरकारी खर्च बढ़ने और बजट घाटा बढ़ने की चिंता पैदा हो सकती थी।
GBP/USD ट्रेडर्स के लिए यह एक महत्वपूर्ण बिंदु है, क्योंकि सख्त वित्तीय नीति का अर्थ है:
सरकार द्वारा कम उधारी तेजी से बढ़ते कर्ज का कम जोखिम ब्रिटिश संपत्तियों में निवेशकों का बढ़ा हुआ विश्वासइसके अलावा, बाजार अभी भी 2022 में लिज़ ट्रस (Liz Truss) के "मिनी-बजट" संकट को याद करता है, जिसके बाद निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ था। इसलिए अब बजट जिम्मेदारी से जुड़े किसी भी सकारात्मक संकेत को ब्रिटिश मुद्रा के लिए अच्छा माना जाता है।
इसलिए, मेरे विचार में GBP/USD पेयर में आगे भी बढ़ने की संभावना बनी हुई है। कीमत में आने वाली किसी भी गिरावट को लॉन्ग (Buy) पोज़िशन खोलने के अवसर के रूप में देखा जा सकता है।
तकनीकी दृष्टि से:
4-घंटे (H4) चार्ट पर पेयर Bollinger Bands की मध्य और ऊपरी लाइन के बीच स्थित है। कीमत Ichimoku Indicator की सभी लाइनों के ऊपर है। Ichimoku ने एक बुलिश "Parade of Lines" सिग्नल बनाया है।वर्तमान ट्रेडिंग रेंज की ऊपरी सीमा 1.3560 का स्तर है, जो H4 टाइमफ्रेम पर Bollinger Bands की ऊपरी लाइन के अनुरूप है।