EUR/USD. Weekly Preview. July ECB Meeting, ZEW/PMI Indices, and Geopolitics Again

आने वाला सप्ताह EUR/USD के लिए काफी सक्रिय और उतार-चढ़ाव भरा रहने की संभावना है।

इस सप्ताह EUR/USD के ट्रेडर्स को तीन प्रमुख मौलिक (Fundamental) कारकों के बीच संतुलन बनाना होगा:

भू-राजनीतिक घटनाक्रम (Geopolitics) यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ECB) के नीतिगत फैसले महत्वपूर्ण मैक्रोइकोनॉमिक (व्यापक आर्थिक) आंकड़े

यही तीन प्रमुख विषय इस सप्ताह EUR/USD की ट्रेडिंग दिशा और बाजार की धारणा तय करेंगे।

भू-राजनीतिक घटनाक्रम (Geopolitics)

बढ़ती जोखिम से बचने की प्रवृत्ति (Risk Aversion) के कारण भू-राजनीतिक परिस्थितियां फिलहाल अमेरिकी डॉलर के पक्ष में काम कर रही हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि आने वाले दिनों में यही कारक EUR/USD ट्रेडर्स के लिए सबसे प्रमुख और प्रभावशाली विषय बन सकता है।

अमेरिका–ईरान तनाव

पिछले दो दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष की स्थिति तेजी से बिगड़ी है और अब यह लगभग पूर्ण पैमाने के टकराव (Full-Scale Confrontation) के चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है, न कि केवल सीमित सैन्य कार्रवाई तक।

तनाव बढ़ने की मुख्य वजह जॉर्डन में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत रही, जो कथित तौर पर ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों में मारे गए। इसके जवाब में अमेरिका ने लगातार आठवीं रात भी बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए, जिनमें ईरान के सैन्य ढांचे, पुलों, सुरंगों और अन्य रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया।

दूसरी ओर, तेहरान ने आधिकारिक रूप से घोषणा की कि वह शांतिपूर्ण समझौता ज्ञापन (Memorandum of Understanding) के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को स्थगित कर रहा है। इसके बाद ईरानी बलों ने क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया। इस दौरान बहरीन में हवाई हमले के सायरन बजे, जबकि कुवैत के एक समुद्री जल शोधन संयंत्र (Desalination Plant) पर भी ईरानी मिसाइलों से हमला किया गया।

इसी बीच दोनों पक्ष लगातार एक-दूसरे के खिलाफ कड़े बयान दे रहे हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि निकट भविष्य में कूटनीतिक समाधान (Diplomatic Resolution) की संभावना फिलहाल बहुत कम है।

हालांकि, यह जरूरी नहीं कि यह भू-राजनीतिक तनाव EUR/USD में लंबे समय तक चलने वाली (Sustainable) गिरावट का कारण बने। बाजार की प्रतिक्रिया से ऐसा लगता है कि अधिकांश ट्रेडर्स अभी भी इस पूरे घटनाक्रम को "मजबूत मोलभाव (Strong Bargaining)" की रणनीति के रूप में देख रहे हैं। यानी दोनों पक्ष सीमित सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करके बातचीत में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहते हैं, जबकि अप्रत्यक्ष वार्ता का रास्ता अभी भी पूरी तरह बंद नहीं हुआ है।

बेशक, यदि संघर्ष और बढ़ता है तो यह धारणा बदल सकती है। लेकिन जब तक बाजार को अनियंत्रित युद्ध (Uncontrolled Escalation) के स्पष्ट संकेत नहीं मिलते, तब तक EUR/USD के 1.14xx के दायरे (14-फिगर) में बने रहने की संभावना बनी रहेगी।

यदि अगले सप्ताह मध्यस्थता के प्रयास दोबारा शुरू होने के संकेत मिलते हैं, तो रिस्क-एवर्ज़न (Risk Aversion) में तेज़ी से कमी आ सकती है। ऐसी स्थिति में EUR/USD के खरीदार एक बार फिर 1.1470 के रेज़िस्टेंस स्तर (जो दैनिक चार्ट पर Bollinger Bands की ऊपरी सीमा और Kijun-sen लाइन के साथ मेल खाता है) का परीक्षण कर सकते हैं।

इसके अलावा, डोनाल्ड ट्रंप के पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए, जहां उन्होंने कई बार अचानक अपनी रणनीति बदली है, इस संभावना से भी पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता।

यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ECB)

गुरुवार, 23 जुलाई को यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ECB) की मौद्रिक नीति बैठक होगी, जो EUR/USD में उल्लेखनीय वोलैटिलिटी ला सकती है।

बाजार को लगभग पूरा विश्वास है कि ECB अपनी तीनों प्रमुख ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। इसलिए निवेशकों का पूरा ध्यान नीतिगत बयान (Policy Statement) और ECB अध्यक्ष क्रिस्टीन लगार्ड (Christine Lagarde) की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर रहेगा।

एक ओर, कई कारण ऐसे हैं जो यथास्थिति (Status Quo) बनाए रखने के पक्ष में हैं:

यूरोजोन में महंगाई धीरे-धीरे कम हो रही है। कोर महंगाई (Core Inflation) अपेक्षाकृत स्थिर बनी हुई है। आर्थिक वृद्धि अभी भी कमजोर है। ECB आमतौर पर ऊर्जा या कमोडिटी की कीमतों में अल्पकालिक उछाल पर तुरंत प्रतिक्रिया नहीं देता, बल्कि यह देखता है कि उनका दूसरे दौर की महंगाई (Second-Round Inflation Effects) पर कितना प्रभाव पड़ता है।

दूसरी ओर, मध्य पूर्व की ताज़ा घटनाओं ने स्थिति को अधिक जटिल बना दिया है। अमेरिका–ईरान तनाव बढ़ने के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ उछाल आया है, जिससे यूरोजोन में महंगाई फिर से बढ़ने का खतरा बढ़ गया है।

इसलिए संभावना है कि ECB बढ़ती अनिश्चितता को स्वीकार करेगा और यह संकेत देगा कि वह आने वाले समय में ऊर्जा कीमतों के झटके (Energy Shock) का महंगाई की अपेक्षाओं और वेतन वृद्धि पर पड़ने वाले प्रभाव पर करीबी नजर रखेगा।

इन परिस्थितियों को देखते हुए सबसे संभावित परिदृश्य "हॉकिश पॉज़ (Hawkish Pause)" का माना जा रहा है। यानी:

ब्याज दरें यथावत रहेंगी। लेकिन क्रिस्टीन लगार्ड अपेक्षाकृत सख्त रुख अपनाएंगी। वह यह संकेत नहीं देंगी कि मौद्रिक सख्ती (Tightening Cycle) समाप्त हो चुकी है। आगे के सभी फैसले आर्थिक आंकड़ों और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर निर्भर होंगे।

इसका अर्थ है कि जुलाई की ECB बैठक यूरो को कुछ समर्थन दे सकती है, लेकिन यदि बाजार में सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के रूप में डॉलर की मांग बनी रहती है, तो EUR/USD के लिए 1.1470 का रेज़िस्टेंस पार करना कठिन हो सकता है।

मैक्रोइकोनॉमिक आंकड़े

आने वाले सप्ताह में EUR/USD के लिए सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक रिपोर्टें होंगी:

21 जुलाई – ZEW Economic Sentiment Index 24 जुलाई – PMI (Purchasing Managers' Index)

ये आंकड़े यूरोजोन की आर्थिक स्थिति, व्यापारिक गतिविधियों और निवेशकों के विश्वास का बेहतर आकलन करने में मदद करेंगे।

ZEW Economic Expectations Index जून में अप्रत्याशित रूप से -10.5 से बढ़कर 10.5 अंक पर पहुंच गया था। यह फरवरी के बाद पहली बार सकारात्मक क्षेत्र में लौटा था, जिससे संकेत मिला कि निवेशक जर्मन अर्थव्यवस्था में धीरे-धीरे सुधार की उम्मीद कर रहे हैं।

हालांकि, जुलाई की रिपोर्ट ऐसे समय आएगी जब:

जर्मनी की सरकारी निवेश योजनाएं सकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं। लेकिन कमजोर औद्योगिक उत्पादन, ऊंची ऊर्जा लागत, और मध्य पूर्व के कारण बढ़ी वैश्विक अनिश्चितता

इन उम्मीदों पर दबाव भी डाल सकती है।

फिर भी अधिकांश विश्लेषकों का अनुमान है कि जुलाई में ZEW इंडेक्स बढ़कर लगभग 18 अंक तक पहुंच सकता है।

PMI रिपोर्ट

PMI रिपोर्ट में मुख्य ध्यान जर्मनी और यूरोजोन के आंकड़ों पर रहेगा।

अनुमान है कि:

जर्मनी का मैन्युफैक्चरिंग PMI बढ़कर 50.6 होगा (पहले 50.3)। जर्मनी का सर्विसेज़ PMI बढ़कर 49.0 होगा (पहले 48.6)।

यदि सर्विसेज़ PMI उम्मीद से बेहतर होकर 50 के ऊपर पहुंच जाता है, तो यह यूरो के लिए मजबूत सकारात्मक संकेत होगा।

यूरोजोन के लिए भी इसी तरह के सुधार की उम्मीद है:

Manufacturing PMI – 51.6 Services PMI – 49.8तकनीकी विश्लेषण (Technical Overview)

4-घंटे (4H) के चार्ट पर:

कीमत Bollinger Bands की मध्य और निचली रेखा के बीच है। Kumo Cloud के ऊपर है। Tenkan-sen और Kijun-sen के बीच कारोबार कर रही है।

दैनिक (D1) चार्ट पर:

कीमत Bollinger Bands की मध्य और ऊपरी रेखा के बीच है। Kumo Cloud के नीचे बनी हुई है। Tenkan-sen और Kijun-sen के बीच स्थित है।

इन सभी संकेतों से स्पष्ट है कि फिलहाल बाजार में अनिश्चितता (Uncertainty) बनी हुई है।

छोटे टाइमफ्रेम पर कोई स्पष्ट ट्रेडिंग सिग्नल नहीं बन रहे। बड़े टाइमफ्रेम पर भी न तो बुल्स (खरीदारों) और न ही बियर्स (विक्रेताओं) को स्पष्ट बढ़त हासिल है।

ऐसी स्थिति में संभावना है कि EUR/USD अगले कुछ समय तक 1.1380–1.1470 की रेंज में ही कारोबार करता रहेगा और किसी नए मजबूत मौलिक ट्रिगर (Fundamental Catalyst) का इंतजार करेगा।