20 जुलाई को किन प्रमुख घटनाओं पर ध्यान देना चाहिए? शुरुआती ट्रेडर्स के लिए मौलिक (फंडामेंटल) घटनाओं का विश्लेषण।

व्यापक आर्थिक (मैक्रोइकोनॉमिक) रिपोर्टों का विश्लेषण

व्यापक आर्थिक (मैक्रोइकोनॉमिक) रिपोर्टों का विश्लेषण:

सोमवार को किसी महत्वपूर्ण व्यापक आर्थिक (मैक्रोइकोनॉमिक) आंकड़े के जारी होने का कार्यक्रम नहीं है। केवल जर्मनी के उत्पादक मूल्य सूचकांक (Producer Price Index - PPI) के आंकड़े प्रकाशित किए जाएंगे, जिन पर ट्रेडर्स के विशेष ध्यान देने की संभावना नहीं है। इसलिए आज दोनों प्रमुख करेंसी पेयर्स में एक बार फिर कम उतार-चढ़ाव (Low Volatility) देखने को मिल सकता है और पूरे दिन ट्रेडर्स के पास बाजार में प्रतिक्रिया देने के लिए कोई बड़ा आर्थिक ट्रिगर मौजूद नहीं होगा।

मौलिक (फंडामेंटल) घटनाओं का विश्लेषण:

मौलिक (फंडामेंटल) घटनाओं का विश्लेषण:

सोमवार को मौलिक (फंडामेंटल) घटनाओं के लिहाज से भी कोई विशेष महत्वपूर्ण घटनाक्रम नहीं है। हाल ही में FOMC (फेडरल ओपन मार्केट कमेटी) के सदस्यों के बयानों से संकेत मिला है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने कम-से-कम अपनी अगली दो बैठकों के लिए अपने "हॉकिश" (कड़े मौद्रिक रुख) को कुछ नरम किया है। अमेरिका में महंगाई दर 4.2% से घटकर 3.5% पर आ गई है, जिससे यह उम्मीद बढ़ी है कि फेडरल रिजर्व के अतिरिक्त हस्तक्षेप के बिना भी महंगाई में और कमी आ सकती है। ऐसे में आने वाले महीनों में फेड द्वारा ब्याज दरों में जल्दबाजी में बढ़ोतरी किए जाने की संभावना कम दिखाई देती है। इसका अर्थ है कि अमेरिकी डॉलर अपने एक महत्वपूर्ण समर्थन कारक को खो सकता है। हालांकि, भविष्य में महंगाई और फेड के फैसले काफी हद तक कच्चे तेल की कीमतों और मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष पर निर्भर करेंगे।

भू-राजनीतिक (Geopolitical) स्थिति फिलहाल "सशर्त रूप से सकारात्मक" बनी हुई है। ईरान और अमेरिका के बीच एक समझौता हो चुका है, लेकिन अभी भी कई महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान बाकी है। इनमें विशेष रूप से परमाणु कार्यक्रम (Nuclear Issue), लेबनान और इज़राइल के बीच युद्ध, तथा हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की स्थिति शामिल है। सैद्धांतिक रूप से बाजार को पूर्ण पैमाने पर युद्ध फिर से शुरू होने की आशंका हो सकती है, लेकिन फिलहाल यह चिंता इतनी मजबूत नहीं है कि अमेरिकी डॉलर में फिर से तेज़ी आ जाए। इसके अलावा, तेहरान और वॉशिंगटन के बीच बातचीत पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। हालांकि, मध्य पूर्व की हालिया घटनाएं यह भी दिखाती हैं कि अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी युद्धविराम (Ceasefire) की स्थिति कितनी नाजुक हो सकती है। इस समय हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य एक बार फिर अवरुद्ध (Blockade) है।

सामान्य निष्कर्ष:

सप्ताह के पहले कारोबारी दिन यूरो/डॉलर (EUR/USD) और पाउंड/डॉलर (GBP/USD) दोनों करेंसी पेयर्स में कारोबार अपेक्षाकृत सुस्त रह सकता है, क्योंकि आज कोई महत्वपूर्ण आर्थिक या राजनीतिक घटनाक्रम निर्धारित नहीं है।

EUR/USD में 1.1461–1.1466 के क्षेत्र से ट्रेडिंग अवसर तलाशे जा सकते हैं। GBP/USD में 1.3456–1.3476 के क्षेत्र पर नजर रखी जा सकती है।

यूरो फिलहाल मजबूत तेजी दिखाने की स्थिति में नहीं है और इसमें दोबारा गिरावट आने की संभावना अधिक दिखाई देती है। दूसरी ओर, ब्रिटिश पाउंड पिछले तीन सप्ताह से तेजी के रुझान में है, लेकिन आज इसमें कुछ सुधारात्मक गिरावट (Correction) देखने को मिल सकती है।

ट्रेडिंग सिस्टम के मुख्य नियम: किसी ट्रेडिंग सिग्नल की मजबूती इस बात से आंकी जाती है कि ब्रेकआउट या बाउंस बनने में कितना समय लगा। जितना कम समय लगेगा, सिग्नल उतना ही मजबूत माना जाएगा। यदि किसी एक स्तर पर दो या अधिक गलत (False) सिग्नल मिल चुके हों, तो उस स्तर से मिलने वाले बाद के सभी सिग्नलों को नजरअंदाज करना चाहिए। फ्लैट (Range-bound) बाजार में करेंसी पेयर्स कई गलत सिग्नल दे सकते हैं या कोई सिग्नल नहीं भी दे सकते। ऐसे समय तकनीकी स्तरों का प्रभाव भी कम हो सकता है। एक घंटे (1H) के टाइमफ्रेम पर MACD इंडिकेटर के सिग्नलों का उपयोग तभी करें जब बाजार में अच्छी वोलैटिलिटी हो और ट्रेंड की पुष्टि ट्रेंड लाइन या चैनल से हो रही हो। यदि दो तकनीकी स्तर 5 से 20 पिप्स के भीतर हों, तो उन्हें एक सपोर्ट या रेज़िस्टेंस ज़ोन के रूप में देखना चाहिए। यदि ट्रेड 15 पिप्स लाभ की दिशा में बढ़ जाए, तो स्टॉप-लॉस को ब्रेक-ईवन पर ले आना चाहिए। चार्ट पर दर्शाए गए संकेतों का अर्थ: सपोर्ट और रेज़िस्टेंस स्तर वे क्षेत्र हैं जहां से खरीद (Long) या बिक्री (Short) के अवसर मिल सकते हैं। लाल रेखाएं (Red Lines) ट्रेंड लाइन या चैनल को दर्शाती हैं, जो मौजूदा बाजार रुझान और ट्रेड की संभावित दिशा का संकेत देती हैं। MACD इंडिकेटर (14,22,3) का हिस्टोग्राम और सिग्नल लाइन सहायक संकेतक हैं, जिनका उपयोग अतिरिक्त ट्रेडिंग सिग्नल प्राप्त करने के लिए किया जा सकता है। आर्थिक समाचार कैलेंडर में शामिल महत्वपूर्ण भाषण और आर्थिक रिपोर्टें करेंसी पेयर्स में तेज उतार-चढ़ाव ला सकती हैं। इसलिए इनके दौरान अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए या अचानक होने वाले बड़े मूवमेंट से बचने के लिए ट्रेड से बाहर निकल जाना चाहिए। शुरुआती ट्रेडर्स के लिए सलाह:

फॉरेक्स ट्रेडिंग में यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि हर ट्रेड लाभदायक नहीं होता। लंबे समय में सफलता पाने के लिए एक स्पष्ट ट्रेडिंग रणनीति, अनुशासित जोखिम प्रबंधन (Money Management) और नियमित अभ्यास सबसे महत्वपूर्ण हैं।