EUR/USD का 5-मिनट (5M) चार्ट विश्लेषण
EUR/USD मुद्रा जोड़ी ने बुधवार को भी ऐसे कारोबार किया, मानो वह किसी पर एहसान कर रही हो। एक बार फिर अस्थिरता (वोलैटिलिटी) बेहद कम रही और लगातार चौथे सप्ताह भी कीमत हल्के-से ऊपर की ओर सुधार (अपवर्ड करेक्शन) में बनी हुई है, जो लगभग साइडवेज़ (Flat) ट्रेंड की स्थिति बन चुकी है।
हमारे अनुसार, मौजूदा मूवमेंट को फ्लैट ट्रेंड ही माना जाना चाहिए, क्योंकि यूरो अधिकांश समय 1.1362–1.1461 के क्षैतिज (Horizontal) चैनल के भीतर ही कारोबार कर रहा है। इसलिए इस चैनल की ऊपरी सीमा तक पहुंचने के बाद अब कीमत निचली सीमा की ओर बढ़ना शुरू हो गई है, जिसे हम पिछले कई दिनों से देख रहे हैं।
मूवमेंट की कमजोरी और फ्लैट ट्रेंड को देखते हुए हमारा मानना है कि इस समय बाजार पर फंडामेंटल, मैक्रोइकॉनॉमिक या भू-राजनीतिक कारकों का कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ रहा है। कुछ व्यक्तिगत घटनाएं बाजार में हल्की प्रतिक्रिया जरूर पैदा कर सकती हैं, लेकिन वे इतनी कमजोर होती हैं कि यह समझना मुश्किल हो जाता है कि वह वास्तव में बाजार की प्रतिक्रिया है या केवल सामान्य उतार-चढ़ाव (Market Noise)।
बुधवार को यूरोजोन, जर्मनी या अमेरिका में कोई महत्वपूर्ण आर्थिक रिपोर्ट जारी नहीं हुई और न ही कोई बड़ा मौलिक (Fundamental) घटनाक्रम हुआ। इसलिए पूरे दिन बाजार के पास प्रतिक्रिया देने के लिए कोई ठोस कारण मौजूद नहीं था।
तकनीकी दृष्टि से देखें तो जोड़ी में अभी भी हल्का ऊपर की ओर झुकाव (Bullish Bias) बना हुआ है, लेकिन वास्तविकता में यह एक फ्लैट ट्रेंड ही है। कीमत फिर से 1.1362–1.1461 के क्षैतिज चैनल के भीतर लौट आई है, और पिछले कुछ हफ्तों की तेजी इतनी कमजोर रही है कि उसे मजबूत ट्रेंड कहना उचित नहीं होगा।
फ्लैट मार्केट में Ichimoku इंडिकेटर की लाइनें भी कमजोर प्रभाव दिखाती हैं और वोलैटिलिटी लगातार कम बनी हुई है।
5-मिनट (5M) टाइमफ्रेम पर बुधवार को कीमत ने Senkou Span B लाइन से दो बार उछाल (Bounce) लिया और देखने में ऐसा लगा कि दो सेल सिग्नल बने हैं।
लेकिन सवाल यह है कि इन सिग्नलों का क्या फायदा, जब पूरे दिन कीमत लगभग एक ही दायरे में घूमती रही और कुल वोलैटिलिटी केवल 25 पिप्स रही?
जब बाजार में कोई वास्तविक मूवमेंट ही नहीं होता, तो ऐसे ट्रेडिंग सिग्नल आमतौर पर लाभदायक साबित नहीं होते।
COT (Commitment of Traders) रिपोर्टसाप्ताहिक (Weekly) टाइमफ्रेम के चार्ट से पता चलता है कि गैर-व्यावसायिक (Non-commercial) ट्रेडर्स की नेट पोजीशन अभी भी बुलिश (Bullish) बनी हुई है, लेकिन भू-राजनीतिक घटनाओं के कारण इसमें उल्लेखनीय कमी आई है।
पिछले कुछ महीनों में ट्रेडर्स ने यूरो बेचकर अमेरिकी डॉलर को प्राथमिकता दी है। डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है, लेकिन कुछ समय तक अमेरिकी डॉलर ने "रिजर्व करेंसी (Reserve Currency)" की भूमिका निभाते हुए निवेशकों को आकर्षित किया। हालांकि, अब ऐसा लगता है कि यह प्रक्रिया समाप्त होने के करीब है या शायद पहले ही समाप्त हो चुकी है।
हम अभी भी यूरो के मजबूत होने के लिए कोई ठोस मौलिक (Fundamental) कारण नहीं देखते, जबकि अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने के पर्याप्त कारण अब भी मौजूद हैं।
मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध ने कुछ समय के लिए अमेरिकी डॉलर को बेहद आकर्षक बना दिया था, लेकिन जब इस कारक का प्रभाव समाप्त हो जाएगा, तो बाजार दोबारा सामान्य स्थिति में लौट सकता है। संभव है कि यह प्रभाव अब पहले ही खत्म हो चुका हो।
दीर्घकाल (Long Term) में यूरो 1.08 डॉलर (ट्रेंड लाइन के आसपास) तक गिर सकता है, लेकिन इसके बावजूद दीर्घकालिक अपट्रेंड अभी भी बरकरार रहेगा। पिछले कुछ महीनों में डॉलर की मजबूती के बावजूद EUR/USD जोड़ी इस ट्रेंड लाइन के बहुत अधिक करीब नहीं पहुंची है।
इंडिकेटर की लाल (Red) और नीली (Blue) रेखाओं की स्थिति यह दर्शाती है कि बुल्स (खरीदार) और बेयर्स (विक्रेता) के बीच लगभग संतुलन (Parity) बना हुआ है।
पिछले रिपोर्टिंग सप्ताह में "Non-commercial" श्रेणी में:
लॉन्ग (Buy) पोजीशन में 6,900 कॉन्ट्रैक्ट्स की वृद्धि हुई। शॉर्ट (Sell) पोजीशन में 3,300 कॉन्ट्रैक्ट्स की वृद्धि हुई।इसके परिणामस्वरूप, सप्ताह के दौरान नेट पोजीशन में कुल 3,600 कॉन्ट्रैक्ट्स की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
EUR/USD विश्लेषण (1H टाइमफ्रेम)1-घंटे के चार्ट पर सुधारात्मक तेजी (Corrective Uptrend) अभी भी बनी हुई है, लेकिन वास्तव में यह एक साइडवेज़ (Flat) मूवमेंट ही है।
मध्य पूर्व की स्थिति अब भी तनावपूर्ण बनी हुई है और उसमें कोई खास सुधार नहीं आया है। बाजार अब भी यूरो के पक्ष में मौजूद कई सकारात्मक कारकों को नजरअंदाज कर रहा है, जिसके कारण यूरो में कोई उल्लेखनीय मजबूती देखने को नहीं मिल रही है।
हालांकि, पिछले कुछ सप्ताहों में अमेरिकी डॉलर भी कोई खास मजबूती नहीं दिखा पाया है। कुल मिलाकर बाजार फिलहाल ठहराव (Stagnation) की स्थिति में है।
23 जुलाई के लिए प्रमुख ट्रेडिंग स्तर: 1.1234 1.1274 1.1362 1.1461 1.1536–1.1542 1.1585 1.1657–1.1666 1.1750–1.1760 1.1786 1.1830–1.1837साथ ही निम्नलिखित Ichimoku इंडिकेटर स्तरों पर भी ध्यान दें:
Senkou Span B – 1.1430 Kijun-sen – 1.1425ध्यान रखें कि Ichimoku इंडिकेटर की ये लाइनें दिन के दौरान बदल सकती हैं, इसलिए ट्रेडिंग सिग्नल तय करते समय इसे ध्यान में रखना चाहिए।
यदि कीमत आपके ट्रेड की दिशा में 15 पिप्स आगे बढ़ जाए, तो Stop Loss को Breakeven (एंट्री प्राइस) पर ले जाना चाहिए। इससे यदि सिग्नल गलत साबित होता है, तो संभावित नुकसान से बचाव हो सकता है।
आज के प्रमुख आर्थिक घटनाक्रमगुरुवार को यूरोजोन में यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) की बैठक होगी, लेकिन फिलहाल बाजार इस बैठक को लगभग नजरअंदाज कर रहा है। लगभग 90% संभावना है कि ECB ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा।
वहीं, अमेरिका में बेरोजगारी दावों (Jobless Claims) की रिपोर्ट जारी होगी, लेकिन उससे भी बाजार पर कोई बड़ा प्रभाव पड़ने की उम्मीद नहीं है।
इसलिए आज भी बाजार में तेज़ उतार-चढ़ाव या मौजूदा साइडवेज़ (Flat) स्थिति के समाप्त होने की संभावना कम दिखाई देती है।
ट्रेडिंग सुझाव यदि कीमत Senkou Span B और Kijun-sen के क्षेत्र से उछाल (Bounce) लेकर नीचे आती है, तो ट्रेडर्स 1.1362 के लक्ष्य के साथ शॉर्ट (Sell) पोजीशन पर विचार कर सकते हैं। यदि कीमत Senkou Span B लाइन के ऊपर मजबूती से टिक जाती है (Consolidate), तो 1.1461 और 1.1480 के लक्ष्य के साथ लॉन्ग (Buy) पोजीशन ली जा सकती है।हालांकि, यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि फिलहाल बाजार में लगभग कोई उल्लेखनीय मूवमेंट नहीं है।
चार्ट में उपयोग किए गए संकेतकों का अर्थ सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर (Support & Resistance):