EUR/GBP: मूल्य विश्लेषण और पूर्वानुमान — ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले यूरो में गिरावट

यूरो पर ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले दबाव बना हुआ है, क्योंकि ट्रेडर्स यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) के मौद्रिक नीति संबंधी ताज़ा बयान का विश्लेषण कर रहे हैं। यह लेख लिखे जाने के समय EUR/GBP लगभग 0.8532 पर कारोबार कर रहा था, जो 20-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (20-day SMA) से नीचे है।

ECB ने जून में 25 आधार अंकों (Basis Points) की बढ़ोतरी के बाद अपनी तीनों प्रमुख ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखा है। डिपॉजिट रेट 2.25%, मुख्य पुनर्वित्त (Main Refinancing) दर 2.40%, और मार्जिनल लेंडिंग रेट 2.65% पर बरकरार रखी गई है।

अपनी मौद्रिक नीति के बयान में ECB की गवर्निंग काउंसिल ने मध्यम अवधि में महंगाई को 2% के लक्ष्य स्तर पर स्थिर रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। हालांकि, परिषद ने यह भी स्वीकार किया कि अनिश्चितता अभी भी काफी अधिक है और हालिया ऊर्जा संकट (Energy Shock) का पूरा प्रभाव अभी पूरी तरह सामने नहीं आया है।

ECB ने कहा कि वह ऊर्जा संकट की तीव्रता और अवधि, साथ ही इसके अप्रत्यक्ष और द्वितीयक प्रभावों पर करीबी नजर रखे हुए है। बैंक ने स्पष्ट किया कि भविष्य में ब्याज दरों से जुड़े सभी फैसले महंगाई के दृष्टिकोण और उससे जुड़े जोखिमों के आकलन के आधार पर लिए जाएंगे।

घोषणा के बाद ECB की अध्यक्ष क्रिस्टीन लगार्ड ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में महंगाई के कारण 2027 की पहली छमाही तक समग्र मुद्रास्फीति ECB के 2% लक्ष्य से काफी ऊपर बनी रह सकती है, जिसके बाद इसमें गिरावट आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि "आर्थिक वृद्धि के जोखिम नीचे की ओर झुके हुए हैं," जबकि "महंगाई के जोखिम ऊपर की ओर झुके हुए हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि मध्य पूर्व का संघर्ष वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए "अनिश्चितता का एक प्रमुख स्रोत" बना हुआ है।

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बीच जून में आई महंगाई की नरमी के बाद अब मुद्रास्फीति फिर से तेज हो सकती है। इससे ECB द्वारा एक और ब्याज दर बढ़ोतरी की संभावना बढ़ गई है। बाजार पहले ही सितंबर की बैठक में दर बढ़ने की संभावना को पूरी तरह कीमतों में शामिल कर चुका है।

वहीं दूसरी ओर, लगातार बने हुए महंगाई दबाव के कारण बाजार बैंक ऑफ इंग्लैंड (BoE) द्वारा भी ब्याज दर बढ़ाने की उम्मीदें बढ़ा रहे हैं। हालांकि, ब्रिटिश पाउंड को इससे केवल सीमित समर्थन मिल रहा है, क्योंकि निवेशकों का ध्यान नए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बदलते राजनीतिक माहौल और सरकार की राजकोषीय (Fiscal) योजनाओं को लेकर बनी अनिश्चितता पर केंद्रित है।

तकनीकी दृष्टिकोण से, तकनीकी ऑस्सीलेटर (Oscillators) नकारात्मक संकेत दे रहे हैं, जो यह पुष्टि करते हैं कि फिलहाल बाजार में मंदी (Bears) का पलड़ा भारी है। आगे मजबूत तेजी हासिल करने के लिए खरीदारों (Bulls) को सबसे पहले 20-दिवसीय SMA के ऊपर निर्णायक बढ़त बनानी होगी।

नीचे दी गई तालिका के अनुसार, गुरुवार को यूरो ने प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले सबसे अधिक मजबूती न्यूज़ीलैंड डॉलर (NZD) के मुकाबले दिखाई।