मंगलवार का ट्रेड विश्लेषण:
GBP/USD का 1 घंटे (1H) का चार्ट।
GBP/USD करेंसी पेयर में भी मंगलवार को कीमतों में कोई खास हलचल देखने को नहीं मिली और बाजार में उतार-चढ़ाव (Volatility) बेहद कम बना रहा। हालांकि, रात के दौरान अमेरिकी डॉलर में बाजार भर में गिरावट शुरू हो गई, क्योंकि अमेरिकी कांग्रेस चुनावों के शुरुआती नतीजे आने लगे थे।
शुरुआती नतीजे डेमोक्रेटिक पार्टी की निर्णायक जीत की ओर इशारा कर रहे हैं। हालांकि, अभी तक अमेरिका के सभी राज्यों में वोटों की गिनती शुरू नहीं हुई है, इसलिए ट्रंप के विरोधियों की हार को पहले से तय नहीं मानना चाहिए।
डेमोक्रेट्स की जीत की संभावना है, लेकिन राष्ट्रपति के प्रमुख मुद्दों पर उनका विरोध करने में सक्षम होने के लिए उन्हें कांग्रेस के दोनों सदनों में बहुमत हासिल करना होगा।
इसलिए पूरे दिन चुनावी नतीजों को रियल टाइम में अपडेट किया जाता रहेगा और परिस्थितियों के अनुसार इनमें बदलाव भी हो सकता है।
इस बीच, बाजार हर घटनाक्रम पर करीब से नजर रखेगा। साथ ही, ट्रेडर्स बैंक ऑफ इंग्लैंड की बैठक और अमेरिका के महत्वपूर्ण व्यापक आर्थिक आंकड़ों (Macroeconomic Data) के जारी होने की तैयारी भी कर रहे हैं।
नतीजतन, सप्ताह के अंत तक बाजार में कई बार काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
GBP/USD का 5 मिनट (5M) का चार्ट।
मंगलवार को 5 मिनट (5M) के टाइमफ्रेम पर कोई ट्रेडिंग सिग्नल नहीं बना। रात के दौरान कीमत 1.3456–1.3476 के स्तर तक पहुंच गई, जहां अब नए ट्रेडिंग सिग्नल बनने की उम्मीद की जा सकती है।
बुधवार को ट्रेडिंग कैसे करें:घंटे (1H) के टाइमफ्रेम पर GBP/USD में तेजी का रुझान (Uptrend) जारी है। कुल मिलाकर, ब्रिटिश पाउंड यूरो की तुलना में कहीं अधिक स्थिर तरीके से कारोबार कर रहा है, जिससे उसके मौजूदा तेजी के रुझान को जारी रखने की अच्छी संभावना है।
लगभग सभी टाइमफ्रेम पर तकनीकी स्थिति ब्रिटिश पाउंड में आगे मजबूती आने का समर्थन कर रही है। मौलिक परिस्थितियां (Fundamental Factors) और अमेरिकी डॉलर की ओवरबॉट (Overbought) स्थिति भी GBP/USD में आगे बढ़त की संभावना को मजबूत कर रही हैं।
बुधवार को शुरुआती ट्रेडर्स निम्नलिखित परिस्थितियों में ट्रेड करने पर विचार कर सकते हैं:
सेल ट्रेड (Short Position): यदि कीमत 1.3456–1.3476 के स्तर से उछलकर नीचे आती है, तो 1.3380–1.3386 के लक्ष्य के साथ शॉर्ट पोजीशन खोली जा सकती है।बाय ट्रेड (Long Position): यदि कीमत 1.3456–1.3476 के स्तर को तोड़कर ऊपर निकलती है, तो 1.3587–1.3598 के लक्ष्य के साथ लॉन्ग पोजीशन खोली जा सकती है।5 मिनट (5M) के टाइमफ्रेम पर फिलहाल निम्नलिखित स्तरों के आधार पर ट्रेडिंग की जा सकती है:
1.30431.3096–1.31071.3175–1.31801.3259–1.32671.3319–1.33311.3380–1.33861.3456–1.34761.3587–1.35981.3631–1.3641बुधवार को ब्रिटेन में कोई महत्वपूर्ण आर्थिक घटना या आंकड़ा जारी होने का कार्यक्रम नहीं है। हालांकि, आज अमेरिकी कांग्रेस चुनावों के नतीजे सामने आएंगे। इसके साथ ही अपेक्षाकृत महत्वपूर्ण ADP और ISM रिपोर्ट भी जारी होंगी, जिन्हें बाजार नजरअंदाज नहीं करेगा।
सप्ताह के बाकी दो कारोबारी दिनों में भी कई महत्वपूर्ण घटनाएं निर्धारित हैं। इसलिए सप्ताह के अंत तक कीमत कई बार अपनी दिशा बदल सकती है और बाजार में काफी अधिक उतार-चढ़ाव (High Volatility) रहने की उम्मीद है।
ट्रेडिंग सिस्टम के प्रमुख नियम:1. किसी सिग्नल की मजबूती इस बात से तय होती है कि उसे बनने में कितना समय लगा (किसी स्तर से उछाल या उस स्तर को तोड़ना)। जितना कम समय लगेगा, सिग्नल उतना ही मजबूत माना जाएगा।
2. यदि किसी विशेष स्तर के आसपास गलत सिग्नल के आधार पर दो या उससे अधिक ट्रेड खोले जा चुके हैं, तो उस स्तर से मिलने वाले सभी अगले सिग्नलों को नजरअंदाज कर देना चाहिए।
3. साइडवेज मार्केट में किसी भी करेंसी पेयर से कई गलत सिग्नल मिल सकते हैं या एक भी सिग्नल नहीं मिल सकता। कीमत तकनीकी स्तरों का पालन भी नहीं कर सकती है।
4. एक घंटे के टाइमफ्रेम पर MACD सिग्नल पर ट्रेडिंग तभी करनी चाहिए, जब बाजार में पर्याप्त वोलैटिलिटी हो और ट्रेंड की पुष्टि ट्रेंडलाइन या ट्रेंड चैनल से हो रही हो।
5. यदि दो स्तर एक-दूसरे के बहुत करीब (5–20 पॉइंट की दूरी पर) हों, तो उन्हें अलग-अलग स्तरों के बजाय एक सपोर्ट या रेजिस्टेंस क्षेत्र के रूप में देखना चाहिए।
6. जब कीमत ट्रेड के अनुकूल दिशा में 15 पॉइंट आगे बढ़ जाए, तो स्टॉप लॉस (Stop Loss) को ब्रेकईवन (Breakeven) पर ले आना चाहिए।
चार्ट क्या दर्शाते हैं:सपोर्ट और रेजिस्टेंस प्राइस लेवल (क्षेत्र):
ये ऐसे स्तर होते हैं, जिनका इस्तेमाल बाय या सेल ट्रेड के लक्ष्य निर्धारित करने या ट्रेडिंग सिग्नल प्राप्त करने के लिए किया जाता है।
लाल रेखाएं (Red Lines):
ये चैनल या ट्रेंडलाइन को दर्शाती हैं, जो मौजूदा ट्रेंड की दिशा और ट्रेडिंग के लिए पसंदीदा दिशा बताती हैं।
MACD इंडिकेटर (14, 22, 3):
इसमें एक हिस्टोग्राम और एक सिग्नल लाइन होती है। यह एक सहायक इंडिकेटर है, जिसका इस्तेमाल ट्रेडिंग सिग्नल प्राप्त करने के लिए भी किया जा सकता है।
महत्वपूर्ण भाषण और आर्थिक रिपोर्ट:
आर्थिक कैलेंडर में सूचीबद्ध महत्वपूर्ण भाषणों और आर्थिक रिपोर्टों का करेंसी पेयर की कीमतों पर काफी प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए इन रिपोर्टों के जारी होने के समय बेहद सावधानी से ट्रेडिंग करनी चाहिए। कीमत के अचानक पिछली दिशा के विपरीत मुड़ने के जोखिम से बचने के लिए अपनी पोजीशन बंद करना भी एक विकल्प है।
शुरुआती फॉरेक्स ट्रेडर्स को याद रखना चाहिए कि हर ट्रेड में मुनाफा होना संभव नहीं है। लंबे समय तक ट्रेडिंग में सफल रहने के लिए एक स्पष्ट ट्रेडिंग रणनीति विकसित करना और सही मनी मैनेजमेंट (Money Management) लागू करना बेहद जरूरी है।