उम्मीद के मुताबिक, मंगलवार को EUR/USD मुद्रा जोड़ी में शांत कारोबार देखने को मिला और यह उसी साइडवेज़ चैनल (सीमित दायरे) में बनी रही, जिसमें यह पिछले कई हफ्तों से कारोबार कर रही है। यह चैनल 4-hour टाइमफ्रेम पर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
कुल मिलाकर, यूरो अभी भी बाजार के निचले स्तरों के आसपास बना हुआ है। यह पिछले 18 महीनों के सबसे निचले स्तर पर कारोबार कर रहा है और इसमें तेजी की ओर रुख बदलने (Upward Reversal) का कोई संकेत नहीं दिख रहा है।
अब यह बात तेजी से स्पष्ट होती जा रही है कि EUR/USD में मौजूदा गिरावट के पीछे कोई ठोस आर्थिक आधार नहीं है। हालांकि यूरो और यूरोजोन कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। फ्रांस की घरेलू राजनीतिक स्थिति, भू-राजनीतिक घटनाक्रम और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति यूरोपीय मुद्रा पर दबाव डाल रही है। लेकिन यह कहना मुश्किल होगा कि पिछले दो महीनों में यूरो के पक्ष में कोई सकारात्मक घटनाक्रम हुआ ही नहीं है।
बाजार लगातार यूरोजोन की उम्मीद से बेहतर आर्थिक वृद्धि, यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) की सख्त होती मौद्रिक नीति और अमेरिकी श्रम बाजार की कमजोरी को नजरअंदाज कर रहा है।
यदि पिछले दो महीनों में यूरो में धीरे-धीरे गिरावट आई होती और इस दौरान बीच-बीच में सुधार (Corrections) तथा कीमतों में वापसी (Pullbacks) देखने को मिली होती, तो मौजूदा गिरावट को अधिक तर्कसंगत माना जा सकता था। लेकिन वास्तव में इस दौरान कोई खास सुधार या वापसी देखने को नहीं मिली है।
इसलिए, मौजूदा गिरावट को अभी भी पूरी तरह सट्टा-आधारित (Speculative) और बाजार की गति (Market Momentum) से प्रेरित माना जा रहा है।
अमेरिकी कांग्रेस चुनाव के नतीजेअमेरिकी कांग्रेस के चुनावों के नतीजे आज पूरे दिन सामने आते रहेंगे। हालांकि, अंतिम परिणाम आज घोषित होने की संभावना कम है, क्योंकि सभी वोटों की गिनती और जरूरी सत्यापन प्रक्रियाओं को पूरा करने में अक्सर कई दिन या यहां तक कि कई सप्ताह लग जाते हैं। फिर भी, शुरुआती नतीजे आज उपलब्ध होने लगेंगे।
इस चुनाव को लेकर अनिश्चितता अपेक्षाकृत कम है, क्योंकि व्यापक रूप से यह उम्मीद की जा रही है कि रिपब्लिकन पार्टी कांग्रेस के कम से कम एक सदन में अपना स्पष्ट बहुमत खो देगी।
हालांकि, पिछले कुछ हफ्तों में कई विशेषज्ञों ने यह संभावना भी जताई है कि डेमोक्रेटिक पार्टी कांग्रेस के दोनों सदनों पर नियंत्रण हासिल कर सकती है। वास्तव में, दोनों सदनों में नियंत्रण हासिल करने के लिए डेमोक्रेट्स को रिपब्लिकन पार्टी की तुलना में केवल चार अतिरिक्त सीटें जीतने की जरूरत है। यह लक्ष्य असंभव नहीं दिखाई देता।
डेमोक्रेटिक पार्टी का मुख्य फायदाडेमोक्रेटिक पार्टी का सबसे बड़ा फायदा एक वाक्य में समझा जा सकता है: वे रिपब्लिकन नहीं हैं।
आखिरकार, अमेरिका ने अपनी मौजूदा समस्याओं का सामना उस समय किया है, जब सरकार पर रिपब्लिकन पार्टी का पूरा नियंत्रण था।
इन समस्याओं में शामिल हैं:
व्यापार युद्ध (Trade War): इसके परिणामस्वरूप अमेरिकी नागरिकों को 300 अरब डॉलर के टैरिफ का भुगतान करना पड़ा। बाद में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने इन टैरिफ को गैरकानूनी करार देते हुए रद्द कर दिया।ईरान में सैन्य अभियान: इसके कारण तेल, प्राकृतिक गैस और अन्य ईंधन की कीमतों में वृद्धि हुई, जिससे अमेरिका के साथ-साथ पूरी दुनिया में महंगाई और तेज हो गई।आव्रजन नीति (Immigration Policy) में बदलाव: सरकार द्वारा आव्रजन नीतियों में किए गए कई बदलावों के कारण देशभर में बार-बार विरोध प्रदर्शन और आंदोलन हुए।यह आकलन करना मुश्किल है कि वास्तव में कितने अमेरिकी नागरिक ट्रंप के राष्ट्रपति कार्यकाल के शुरुआती दो वर्षों को सकारात्मक मानते हैं। हालांकि, हाल के जनमत सर्वेक्षणों और राजनीतिक लोकप्रियता से जुड़े आंकड़ों से पता चलता है कि ऐसे लोगों की संख्या अपेक्षाकृत कम है।
यदि पिछले दो वर्षों में कांग्रेस पर रिपब्लिकन पार्टी का पूरी तरह नियंत्रण नहीं होता, तो यह तर्क दिया जा सकता था कि ट्रंप ने अपने फैसले डेमोक्रेट्स की सहमति से लिए थे और इसके लिए दोनों पार्टियां जिम्मेदार थीं।
लेकिन यह बात व्यापक रूप से जानी जाती है कि ट्रंप कांग्रेस से सलाह-मशविरा किए बिना स्वतंत्र रूप से फैसले लेते हैं। परिणामस्वरूप, डेमोक्रेट्स ट्रंप के कार्यकारी आदेशों को प्रभावित करने में असमर्थ रहे, जबकि रिपब्लिकन सांसदों ने भी कांग्रेस की कार्यवाही में काफी हद तक निष्क्रिय भूमिका निभाई।
इसलिए, इस आकलन के अनुसार, डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत की संभावना काफी अधिक दिखाई देती है। केवल कोई अप्रत्याशित घटनाक्रम ही रिपब्लिकन पार्टी को सीनेट पर अपना नियंत्रण बनाए रखने में मदद कर सकता है।
डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत से अमेरिकी डॉलर मजबूत हो सकता है, लेकिन इस प्रभाव के ज्यादा समय तक बने रहने की उम्मीद नहीं है।
4 नवंबर तक पिछले पांच कारोबारी दिनों में EUR/USD की औसत अस्थिरता (Volatility) 64 पॉइंट रही है, जिसे मध्यम (Medium) श्रेणी में रखा गया है। बुधवार को इस करेंसी पेयर के 1.1130 से 1.1258 के बीच कारोबार करने की उम्मीद है।
लिनियर रिग्रेशन का ऊपरी चैनल नीचे की ओर मुड़ गया है, जो संभावित रूप से एक और ट्रेंड रिवर्सल का संकेत देता है।
CCI इंडिकेटर पांच बार ओवरसोल्ड (Oversold) क्षेत्र में गया और इसने चार बुलिश डाइवर्जेंस (Bullish Divergences) बनाए, लेकिन ट्रेडर्स ने इन सभी संकेतों को नजरअंदाज कर दिया। बिना किसी ठोस आधार के जारी गिरावट का ट्रेंड अभी भी बरकरार है।
निकटतम सपोर्ट स्तर (Support Levels)S1 – 1.1108S2 – 1.0986S3 – 1.0864निकटतम रेजिस्टेंस स्तर (Resistance Levels)R1 – 1.1230R2 – 1.1353R3 – 1.1475ट्रेडिंग संबंधी सुझाव (Trading Recommendations)EUR/USD अभी भी गिरावट के ट्रेंड में कारोबार कर रहा है, लेकिन इस गिरावट को संभावित नए अपट्रेंड से पहले आने वाला एक करेक्शन (Correction) माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, मौलिक आर्थिक परिस्थितियां (Fundamental Background) अभी भी अमेरिकी डॉलर के लिए प्रतिकूल बनी हुई हैं। हालांकि, 2026 में भू-राजनीतिक घटनाक्रम और उसके बाद फेडरल रिजर्व के सख्त मौद्रिक रुख (Hawkish Stance) ने अमेरिकी मुद्रा को काफी समर्थन दिया है।
शॉर्ट पोजीशन (Sell): यदि कीमत मूविंग एवरेज से नीचे रहती है, तो 1.1130 और 1.1108 के लक्ष्य के साथ शॉर्ट पोजीशन पर विचार किया जा सकता है।लॉन्ग पोजीशन (Buy): यदि कीमत मूविंग एवरेज से ऊपर रहती है, तो 1.1258 और 1.1353 के लक्ष्य के साथ लॉन्ग पोजीशन प्रासंगिक बनी रहेंगी।चार्ट की व्याख्या (Explanations for the Charts)1. लिनियर रिग्रेशन चैनल (Linear Regression Channels)
ये मौजूदा ट्रेंड की पहचान करने में मदद करते हैं। यदि दोनों चैनल एक ही दिशा में जा रहे हों, तो इसका मतलब है कि बाजार में मौजूदा ट्रेंड मजबूत है।
2. मूविंग एवरेज (Moving Average)
इसकी सेटिंग 20.0, Smoothed है। यह शॉर्ट-टर्म ट्रेंड की पहचान करता है और ट्रेडिंग की पसंदीदा दिशा निर्धारित करने में मदद करता है।
3. मरे लेवल्स (Murray Levels)
इनका उपयोग कीमतों में होने वाली चाल और करेक्शन के संभावित लक्ष्य स्तरों के रूप में किया जाता है।
4. वोलैटिलिटी लेवल्स (Volatility Levels)
चार्ट पर लाल रेखाएं संभावित प्राइस रेंज को दर्शाती हैं, जिसके भीतर मौजूदा अस्थिरता के आधार पर अगले 24 घंटों में करेंसी पेयर के कारोबार करने की उम्मीद होती है।
5. CCI इंडिकेटर (Commodity Channel Index)
जब CCI इंडिकेटर ओवरसोल्ड क्षेत्र (−250 से नीचे) या ओवरबॉट क्षेत्र (+250 से ऊपर) में प्रवेश करता है, तो यह संकेत मिलता है कि कीमतों में विपरीत दिशा में ट्रेंड रिवर्सल आने की संभावना बन सकती है।