बिटकॉइन में लगातार गिरावट जारी है और यह गिरावट पिछले साल शुरू हुए डाउनट्रेंड (मंदी के रुझान) के एक और मजबूत चरण में बदल सकती है। पिछले कुछ हफ्तों में बिटकॉइन की कीमत में लगभग 11,000 डॉलर की गिरावट आई है।
फिलहाल इस उतार-चढ़ाव को एक करेक्शन (Correction) माना जा रहा है। हालांकि, नियमित रूप से होने वाली छोटी रिकवरी के बावजूद बिटकॉइन पर बिकवाली का दबाव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है।
यह भी ध्यान रखना चाहिए कि डाउनट्रेंड समाप्त हो चुका हो, इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। लेकिन नए अपट्रेंड (तेजी के रुझान) की शुरुआत के पक्ष में मौजूद कारण अभी स्पष्ट नहीं हैं और उन पर बहस जारी है।
बिटकॉइन की हालिया तेजी, जो लगभग तीन महीने तक चली थी, वास्तव में डेली टाइमफ्रेम पर साइडवेज चैनल की निचली सीमा से ऊपरी सीमा तक की एक चाल थी। इससे पहले कीमत ने चैनल की निचली सीमा के नीचे एक डेविएशन बनाया और फिर ऊपरी सीमा के ऊपर भी ऐसा ही मूवमेंट किया।
ऊपरी सीमा के ऊपर कीमत का यह डेविएशन काफी बड़ा था। लेकिन यदि यह वास्तव में एक डेविएशन ही था, तो अब बिटकॉइन 70,800 डॉलर के स्तर की ओर बढ़ रहा है।
डिजिटल एसेट की कीमत मजबूती से दोबारा साइडवेज चैनल के भीतर आ चुकी है। इसलिए चैनल के 50% स्तर की ओर कीमत का बढ़ना मौजूदा मार्केट स्ट्रक्चर के अनुसार पूरी तरह तार्किक है।
कल के ट्रेडिंग सत्र के दौरान बिटकॉइन की कीमत में अप्रत्याशित तेजी देखने को मिली। हालांकि, जल्दबाजी में कोई निष्कर्ष निकालने या यह मान लेने का कोई कारण नहीं है कि गिरावट समाप्त हो चुकी है।
डेली टाइमफ्रेम पर कीमत निकटतम बेयरिश FVG (Fair Value Gap) तक पहुंच गई है, जहां से प्रतिक्रिया (Reaction) मिलने की काफी संभावना है। यदि ऐसा होता है, तो बिटकॉइन पहले बताए गए लक्ष्यों की ओर अपनी गिरावट दोबारा शुरू कर सकता है।
यह ध्यान देना महत्वपूर्ण है कि पिछले कुछ दिनों में बिटकॉइन और व्यापक क्रिप्टोकरेंसी बाजार के बुनियादी आर्थिक एवं राजनीतिक माहौल (Fundamental Background) में कोई बदलाव नहीं आया है।
डेमोक्रेट्स की चुनावी जीत संभावित रूप से नकारात्मक है, क्योंकि वे डिजिटल एसेट्स के प्रति विशेष रूप से समर्थक रुख नहीं रखते हैं।
डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका को दुनिया का प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी हब बनाना चाहते थे। हालांकि, रिपब्लिकन पार्टी के नियंत्रण वाली कांग्रेस के दौरान भी CLARITY Act पारित नहीं हो सका।
अब कांग्रेस का नियंत्रण डेमोक्रेट्स के पास है, जिससे CLARITY Act के पारित होने की संभावना और भी कम हो गई है।
इसके अलावा, ऐतिहासिक रूप से मिडटर्म चुनावों के बाद बिटकॉइन में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। हालांकि, यह गिरावट अभी शुरू भी नहीं हुई है।
भले ही यह एक ऐतिहासिक पैटर्न हो, लेकिन फिलहाल ऐसे कोई ठोस बुनियादी कारण मौजूद नहीं हैं, जिनके आधार पर लंबे समय तक चलने वाले अपट्रेंड (तेजी के रुझान) की उम्मीद की जा सके।
डेली टाइमफ्रेम पर मंदी के ट्रेंड का स्ट्रक्चर टूट चुका है। इसलिए, इस बात की काफी संभावना है कि डिजिटल एसेट आधिकारिक रूप से एक नए अपट्रेंड (तेजी के रुझान) में प्रवेश कर चुका है।
कीमत पिछले ट्रेंड के बेयरिश FVG (Fair Value Gap) तक पहुंची और वहां से प्रतिक्रिया देखने को मिली, जिसके परिणामस्वरूप अनुमानित करेक्शन (Correction) शुरू हुआ।
हालांकि, सितंबर में 60,000–82,500 डॉलर के साइडवेज चैनल से बाहर निकलने वाली कीमत की चाल संभवतः एक डेविएशन (Deviation) रही हो सकती है।
बेयरिश FVG से मिली प्रतिक्रिया के साथ मिलकर यह स्थिति बिटकॉइन में गिरावट को बढ़ावा दे सकती है और कीमत को साइडवेज चैनल की निचली सीमा तक ले जा सकती है।
बिटकॉइन ने निकटतम बेयरिश FVG तक करेक्शन पूरा कर लिया है। इसलिए, इस सप्ताह की शुरुआत में ही इस पैटर्न से दोबारा गिरावट शुरू होने की संभावना है।
4-घंटे के टाइमफ्रेम पर मंदी (Bearish Trend) का स्ट्रक्चर लगातार विकसित हो रहा है। फिलहाल CHOCH का स्तर 82,000 डॉलर पर है।
डेली टाइमफ्रेम पर ट्रेंड में बदलाव के सभी आवश्यक संकेत मिल चुके थे, जिसके आधार पर ट्रेडर्स को शॉर्ट पोजीशन (Short Positions) खोलने का अवसर मिला।
फिलहाल बिटकॉइन के संभावित टारगेट निर्धारित करने के लिए डेली चार्ट पर मौजूद साइडवेज चैनल को आधार बनाना सबसे बेहतर है, क्योंकि हमारे आकलन में यह चैनल अभी भी प्रासंगिक है।
4-घंटे के टाइमफ्रेम पर ट्रेंड का स्ट्रक्चर मंदी का है, जबकि बिटकॉइन डेली टाइमफ्रेम पर बने बेयरिश पैटर्न पर प्रतिक्रिया दे सकता है।
इसलिए, जब तक डेली टाइमफ्रेम पर मौजूद बेयरिश FVG अमान्य (Invalidate) नहीं होता, तब तक आगे गिरावट की संभावना ही मुख्य परिदृश्य बनी रहेगी।
BTC/USD के लिए ट्रेडिंग संबंधी सिफारिशेंबिटकॉइन ने एक नया अपट्रेंड (तेजी का रुझान) स्थापित करने की कोशिश की थी, लेकिन मौजूदा फंडामेंटल स्थिति, स्पॉट मार्केट में मांग और हाल की खबरें इस तेजी को जारी रखने के लिए पर्याप्त मजबूत नहीं हैं।
निकट भविष्य में डेली टाइमफ्रेम पर बिटकॉइन में गिरावट जारी रह सकती है, क्योंकि कीमत दो बेयरिश FVG पर प्रतिक्रिया दे चुकी है और एक बेयरिश ऑर्डर ब्लॉक (Order Block) भी बना चुकी है।
डेली चार्ट पर साइडवेज चैनल से बाहर निकलने वाली कीमत की चाल को फिलहाल एक डेविएशन (Deviation) के रूप में देखा जा रहा है।
इस प्रकार, बिटकॉइन ने ट्रेंड में बदलाव का संकेत दे दिया है और अब 70,800 डॉलर के स्तर की ओर बढ़ रहा है।
चूंकि साइडवेज मार्केट का मतलब यह नहीं होता कि मौजूदा ट्रेंड समाप्त हो चुका है, इसलिए मंदी के ट्रेंड को अभी पूरा नहीं माना जा रहा है।
निकट भविष्य में शॉर्ट पोजीशन (Short Positions) ट्रेडिंग का सबसे प्रासंगिक विकल्प बनी हुई हैं।
मौजूदा ट्रेडिंग पैटर्न में डेली चार्ट पर बने बेयरिश FVG पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
चार्ट में इस्तेमाल किए गए संकेतों की व्याख्या1. CHOCH (Change of Character):
ट्रेंड के व्यवहार में बदलाव। यह ट्रेंड के स्ट्रक्चर के टूटने या उसकी दिशा में संभावित बदलाव का संकेत देता है।
2. Liquidity (लिक्विडिटी):
स्टॉप लॉस ऑर्डर और पेंडिंग ऑर्डर, जिनका इस्तेमाल मार्केट मेकर्स अपनी पोजीशन बनाने या जमा करने के लिए करते हैं।
3. FVG (Fair Value Gap):
कीमत में असंतुलन या अक्षमता का क्षेत्र। कीमत ऐसे क्षेत्रों से बहुत तेजी से गुजरती है, जो खरीदारों और विक्रेताओं के बीच बड़े असंतुलन को दर्शाता है।
इसके बाद कीमत अक्सर दोबारा इन क्षेत्रों में लौटती है और मौजूदा ट्रेंड की दिशा में प्रतिक्रिया देती है।
4. IFVG (Inverted Fair Value Gap):
यह एक इनवर्टेड फेयर वैल्यू गैप होता है। जब कीमत इस क्षेत्र में दोबारा लौटती है, तो वहां से प्रतिक्रिया देने के बजाय तेजी से इसे पार कर जाती है और फिर विपरीत दिशा से इसका दोबारा परीक्षण (Retest) करती है।
5. OB (Order Block):
ऑर्डर ब्लॉक ऐसी कैंडल होती है जो मार्केट मेकर की पोजीशन खोलने से जुड़ी होती है। इसका उद्देश्य लिक्विडिटी हासिल करना और विपरीत दिशा में पोजीशन स्थापित करना होता है।