भारत का विदेशी मुद्रा भंडार विदेशों में रहने वाले भारतीयों से आने वाली रकम के कारण रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) रिकॉर्ड 729.33 अरब डॉलर के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। इसका मुख्य कारण विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों से देश में आने वाली रकम में हुई अभूतपूर्व बढ़ोतरी रही।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अनुसार, 21 अगस्त 2025 को समाप्त सप्ताह में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 12.4 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई। इस बढ़ोतरी के साथ भंडार ने फरवरी में दर्ज पिछले रिकॉर्ड 728.5 अरब डॉलर के स्तर को भी आसानी से पार कर लिया।
इस बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह जून की शुरुआत में केंद्रीय बैंक द्वारा शुरू किया गया आपातकालीन पूंजी जुटाने का अभियान था। RBI ने विदेशों में रहने वाले भारतीयों के लिए एक विशेष जमा योजना शुरू की, जिसने उम्मीद के मुताबिक प्रभावी ढंग से काम किया। अगस्त के तीसरे सप्ताह तक इस RBI अभियान के माध्यम से सीधे 72.8 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा देश में आई।
विदेशों से आई इस बड़ी मात्रा में पूंजी ने भारत की एक प्रमुख घरेलू मैक्रोइकोनॉमिक समस्या को हल करने में मदद की। प्रवासी भारतीयों से आने वाले डॉलर की भारी मात्रा ने भारत को लगातार तीसरे वर्ष चालू खाते के घाटे (Current Account Deficit) से बचने में मदद की। चालू खाते का घाटा किसी अर्थव्यवस्था में आने और बाहर जाने वाले धन के प्रवाह को मापने का एक व्यापक संकेतक है।