अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने महंगाई से निपटने के लिए फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने के फैसले की आलोचना की, लेकिन बाद में कहा कि उन्हें अभी भी फेड चेयर केविन वार्श पर भरोसा है। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए ट्रंप ने ऊँची उधारी लागत की कड़ी आलोचना की और मौद्रिक नीति में तेज ढील की मांग की। उन्होंने तर्क दिया कि देश के “बेदाग” क्रेडिट रिकॉर्ड को देखते हुए ब्याज दर 1% या उससे भी कम होनी चाहिए। बाद में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने अपना रुख कुछ नरम किया और फेड के प्रमुख के प्रति अपना समर्थन दोहराया।
फेड का यह कदम 2023 के बाद पहली ब्याज दर वृद्धि थी। नीति-निर्माताओं ने सर्वसम्मति से 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी करके नीतिगत ब्याज दर को 3.75%–4.00% की सीमा में कर दिया, जो बाजार की उम्मीदों के अनुरूप था। वार्श ने ऊँची महंगाई के बीच इस फैसले को संतुलित, गंभीर और जिम्मेदार बताया। फेड ने कहा कि अर्थव्यवस्था स्वस्थ गति से बढ़ रही है, निवेश मजबूत बना हुआ है और वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद रोजगार में वृद्धि जारी है।
यह दर वृद्धि उस अवधि के बाद हुई जिसमें मौद्रिक नीति अपेक्षाकृत स्थिर रही थी। इससे पहले लगातार तीन बार दरों में कटौती की गई थी और उसके बाद पिछली पाँच बैठकों में दरें अपरिवर्तित रखी गई थीं। इस साल फेड की अब दो और नीति बैठकें बाकी हैं—अक्टूबर के अंत में और दिसंबर की शुरुआत में।
ट्रंप की सार्वजनिक आलोचना इस बात को रेखांकित करती है कि फेड की सख्त मौद्रिक नीति और रिपब्लिकन पार्टी के चुनावी संदेशों के बीच तनाव बढ़ रहा है। आगामी कांग्रेस चुनावों से पहले ऊँची उधारी लागत कारोबारों और मतदाताओं के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दा बन गई है।