लंदन टोकनाइज्ड गोल्ड के लिए नियामक ढाँचे पर विचार कर रहा है।

लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन (LBMA) ने आधिकारिक तौर पर सोने को टोकनाइज करने के विचार का समर्थन किया है। इस संस्था ने ब्रिटेन के वित्तीय नियामक को दिए गए अपने जवाब में इस पहल को भौतिक सोने की छड़ों (Gold Bars) को गिरवी या जमानत के रूप में इस्तेमाल करने की प्रक्रिया को अधिक कुशल बनाने का एक तरीका बताया है।

इस मुद्दे पर बाजार में अलग-अलग राय हैं। बड़े बैंक और थोक व्यापारी इस नवाचार का समर्थन कर रहे हैं। उनका तर्क है कि सोने का डिजिटल या वर्चुअल रूप आसानी से एक जगह से दूसरी जगह भेजा जा सकेगा और टोकनाइज्ड मुद्रा के इस्तेमाल से भुगतान के साथ-साथ तत्काल डिलीवरी का निपटान भी संभव हो सकेगा।

हालांकि, इसके आलोचकों का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था पहले से ही बेहद अच्छी तरह काम कर रही है। उनका मानना है कि डिजिटल तकनीक को अपनाने से भौतिक सोने पर लोगों का भरोसा कमजोर हो सकता है और कीमती धातुओं के पूरे बाजार में लिक्विडिटी (तरलता) प्रभावित हो सकती है।

LBMA का प्रबंधन भी इस मामले में सावधानी बरत रहा है। एसोसिएशन का कहना है कि ब्लॉकचेन से जुड़ी किसी भी परियोजना में कानूनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होनी चाहिए और इससे वास्तविक सोने की छड़ों की प्रतिष्ठा को कोई नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए।

इस मामले में दांव बहुत बड़ा है। ओवर-द-काउंटर (OTC) लोको लंदन बाजार में रोजाना लगभग 200 अरब डॉलर का कारोबार होता है।

LBMA इस कारोबार की निगरानी करता है और अपनी सख्त गुड डिलीवरी लिस्ट (Good Delivery List) के जरिए यह तय करता है कि किन मान्यता प्राप्त आपूर्तिकर्ताओं की भौतिक सोने की छड़ों का इस्तेमाल लेनदेन के निपटान में किया जा सकता है।