सोमवार के ट्रेड्स का विश्लेषण: EUR/USD जोड़ी का 1 घंटे (1H) चार्ट

EUR/USD मुद्रा जोड़ी सोमवार को ट्रेडिंग के दौरान फिर से नीचे की ओर झुकी रही। इस बार यूरो की गिरावट किस कारण से हुई?
सबसे पहले यह ध्यान देना जरूरी है कि यूरो की गिरावट बहुत मजबूत नहीं थी और पूरे दिन इस जोड़ी की वोलैटिलिटी काफी अधिक रही। हालांकि, पिछले सप्ताह संदिग्ध और विरोधाभासी कारणों से हुई बड़ी गिरावट के बाद भी यूरो अब तक कोई स्पष्ट करेक्शन दिखाने में असफल रहा है। इसका मतलब है कि बाजार अभी भी हर परिस्थिति के बावजूद बिकवाली (selling) की ओर झुका हुआ है।
सोमवार को यह जानकारी सामने आई कि ईरान और अमेरिका के बीच नए वार्तालाप के पहले दौर की बैठक स्विट्ज़रलैंड में हुई, लेकिन इसके परिणामों को पूरी तरह सकारात्मक नहीं कहा जा सकता। अमेरिका ने ईरानी तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंध हटा दिए, कुछ ईरानी संपत्तियों को अनफ्रीज़ किया, और आगे की वार्ताओं तथा ईरान के पुनर्निर्माण की योजना पर चर्चा की। देखने में यह सब सकारात्मक लगता है, लेकिन उसी दिन डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर चेतावनी दी कि यदि परमाणु समझौता नहीं हुआ तो ईरान पर नए हमले किए जाएंगे।
इसके अलावा, तेहरान ने रविवार को घोषणा की कि वह होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद कर रहा है क्योंकि अमेरिका और इज़राइल युद्धविराम का पालन नहीं कर पाए, और इज़राइल ने लेबनान पर हमले जारी रखे। वर्तमान में यह स्पष्ट नहीं है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुला है या बंद।
इस प्रकार, स्विट्ज़रलैंड में हुई वार्ताओं को पूरी तरह सकारात्मक नहीं कहा जा सकता, हालांकि यह स्थिति नए युद्ध की तुलना में बेहतर है।
5M चार्ट ऑफ EUR/USD जोड़ी

सोमवार को 5-मिनट टाइमफ्रेम पर एक सेल (Sell) ट्रेडिंग सिग्नल बना। यह लगभग दोपहर 3 बजे उत्पन्न हुआ, लेकिन अमेरिकी ट्रेडिंग सत्र के दौरान जोड़ी 1.1455–1.1474 रेंज से बाहर निकलकर लगभग 20 पिप्स गिर गई। "कुछ न होने से बेहतर" स्थिति रही।
मंगलवार को कैसे ट्रेड करें:
घंटे (Hourly) टाइमफ्रेम पर डाउनट्रेंड फिर से शुरू हो गया है। चूंकि ईरान और अमेरिका के बीच समझौता हो चुका है, इसलिए बाजार के पास अब अमेरिकी डॉलर खरीदने का एक कारण कम हो गया है। हालांकि, यह समझौता किसी भी समय टूट सकता है, क्योंकि इज़राइल और लेबनान के बीच संघर्ष जारी है, और बाजार यूरो के पक्ष में जाने वाले कारकों को नजरअंदाज कर रहा है। इसलिए डॉलर अभी भी मजबूत स्थिति में है।
मंगलवार को नए ट्रेडर्स 1.1413 से नीचे कीमत के कंसोलिडेट होने पर 1.1354–1.1363 टारगेट के साथ शॉर्ट पोजीशन ले सकते हैं। वहीं, यदि कीमत 1.1413 से बाउंस करती है तो 1.1455–1.1474 टारगेट के साथ लॉन्ग पोजीशन ली जा सकती है।
5-मिनट टाइमफ्रेम पर निम्न स्तरों को ध्यान में रखना चाहिए: 1.1292, 1.1354–1.1363, 1.1413, 1.1455–1.1474, 1.1527–1.1531, 1.1584–1.1594, 1.1655–1.1666, 1.1745–1.1754, 1.1830–1.1837।
मंगलवार को अमेरिका, जर्मनी और यूरोजोन जून के लिए सर्विसेज और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के बिज़नेस एक्टिविटी इंडेक्स जारी करेंगे। हम इस डेटा को बहुत महत्वपूर्ण नहीं मानते, लेकिन यह दिन के पहले हिस्से में हल्की प्रतिक्रिया पैदा कर सकता है।
ट्रेडिंग सिस्टम के मूल नियम:
- सिग्नल की ताकत उसके बनने के समय पर निर्भर करती है (बाउंस या ब्रेकआउट)। जितना कम समय लगे, सिग्नल उतना मजबूत होता है।
- यदि किसी स्तर पर फॉल्स सिग्नल पर दो या अधिक ट्रेड खोले गए हैं, तो उस स्तर के बाद के सभी सिग्नल को नजरअंदाज करना चाहिए।
- फ्लैट (sideways) मार्केट में कई फॉल्स सिग्नल बन सकते हैं या बिल्कुल नहीं भी बन सकते। ऐसे में तकनीकी स्तरों को नजरअंदाज किया जा सकता है।
- MACD इंडिकेटर (14,22,3) के सिग्नल केवल तभी ट्रेड करें जब वोलैटिलिटी अच्छी हो और ट्रेंड की पुष्टि हो।
- यदि दो स्तर बहुत पास हों (5–20 पिप्स), तो उन्हें एक सपोर्ट/रेजिस्टेंस ज़ोन माना जाए।
- 15 पिप्स मूव के बाद स्टॉप लॉस को ब्रेकईवन पर सेट करें।
चार्ट पर क्या है:
- सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल्स ट्रेड एंट्री या टारगेट के लिए उपयोग होते हैं।
- लाल लाइनें ट्रेंड चैनल या ट्रेंड लाइन दर्शाती हैं।
- MACD (14,22,3) अतिरिक्त सिग्नल देने वाला इंडिकेटर है।
- महत्वपूर्ण समाचार और रिपोर्ट्स बाजार को तेज़ी से प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए उनके समय पर सावधानी से ट्रेड करना चाहिए या मार्केट से बाहर रहना बेहतर है।
शुरुआती ट्रेडर्स को याद रखना चाहिए कि हर ट्रेड प्रॉफिटेबल नहीं होता। सही स्ट्रैटेजी और मनी मैनेजमेंट लंबे समय की सफलता के लिए जरूरी हैं।
