सोमवार का ट्रेडिंग विश्लेषण:
EUR/USD का 1-घंटे (1H) चार्ट

सोमवार का ट्रेडिंग विश्लेषण
EUR/USD का 1-घंटे (1H) चार्ट
सोमवार के कारोबारी सत्र में EUR/USD मुद्रा जोड़ी ने कोई भी खास या दिलचस्प प्राइस मूवमेंट नहीं दिखाया। दिन के पहले हिस्से में यूरो लगभग 50 पिप्स मजबूत हुआ, जबकि दूसरे हिस्से में अमेरिकी डॉलर ने लगभग 50 पिप्स की बढ़त हासिल कर ली। परिणामस्वरूप, दिन के अंत तक यह जोड़ी लगभग उसी स्तर पर बंद हुई, जहां से उसने दिन की शुरुआत की थी।
सोमवार को न तो यूरोप और न ही अमेरिका में कोई महत्वपूर्ण मौलिक (Fundamental) या व्यापक आर्थिक (Macroeconomic) घटनाक्रम हुआ, इसलिए बाजार को दिशा देने वाला कोई बड़ा कारक मौजूद नहीं था।
यदि किसी एक विषय का उल्लेख किया जाए, तो वह भू-राजनीतिक (Geopolitical) स्थिति है। मध्य पूर्व में जारी संघर्ष ने एक बार फिर दीर्घकालिक शांति (Long-term Peace) की संभावनाओं को पीछे धकेल दिया है। हालांकि, इसके बावजूद यह नहीं कहा जा सकता कि अमेरिकी डॉलर को इससे कोई बड़ी मजबूती मिली है।
फिलहाल EUR/USD पूरी तरह साइडवेज़ (Sideways) स्थिति में फंसा हुआ है। लगभग दो सप्ताह से यही स्थिति बनी हुई है।
तकनीकी दृष्टि से:
- कीमत आरोही ट्रेंड लाइन (Ascending Trend Line) के नीचे आ चुकी है।
- इसलिए डाउनट्रेंड (Downtrend) अभी भी प्रभावी बना हुआ है।
- इस कारण फिलहाल गिरावट की संभावना, तेजी की तुलना में अधिक दिखाई देती है।
फिर भी, कीमत अभी भी सीमित दायरे (Range) में ही कारोबार कर रही है।
आज बाजार के लिए कम से कम दो महत्वपूर्ण घटनाएं निर्धारित हैं। इसलिए उम्मीद की जा सकती है कि बाजार में वह अस्थिरता (Volatility) लौटेगी, जिसकी फिलहाल कमी महसूस की जा रही है।
EUR/USD का 5-मिनट (5M) चार्ट

5-मिनट (5M) चार्ट पर ट्रेडिंग विश्लेषण
सोमवार को 5-मिनट (5M) के चार्ट पर दो ट्रेडिंग सिग्नल बने।
- पहला सिग्नल खरीद (Buy) का था, लेकिन यह गलत (False Signal) साबित हुआ।
- दूसरा सिग्नल बिक्री (Sell) का था, जिसने पहली ट्रेड में हुए नुकसान की भरपाई करने का अवसर दिया।
दोनों सिग्नल 1.1420–1.1432 के क्षेत्र में बने थे। बाद में दिन के अंत तक इन्हें 1.1461–1.1466 के दायरे के अनुसार समायोजित (Adjust) कर दिया गया।
मंगलवार को कैसे ट्रेड करें?
1-घंटे (1H) के चार्ट पर पिछले दो महीनों से बना डाउनट्रेंड (Downtrend) अभी भी जारी है। पिछले कुछ सप्ताहों में केवल हल्की ऊपर की ओर करेक्शन (Upward Correction) देखने को मिली है।
इस समय:
- आरोही ट्रेंड लाइन (Ascending Trend Line) टूट चुकी है।
- इसलिए यूरो में दोबारा गिरावट शुरू होने की संभावना अधिक है।
- साथ ही, भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) अमेरिकी डॉलर को अतिरिक्त समर्थन दे सकते हैं।
ट्रेडिंग सुझाव
- यदि कीमत 1.1354–1.1363 के क्षेत्र के नीचे मजबूती से बंद (Consolidate) होती है, तो शुरुआती ट्रेडर 1.1292 के लक्ष्य के साथ शॉर्ट (Sell) पोजीशन पर विचार कर सकते हैं।
- यदि कीमत 1.1354–1.1363 के क्षेत्र से ऊपर की ओर उछलती (Bounce) है, तो 1.1461–1.1466 के लक्ष्य के साथ लॉन्ग (Buy) पोजीशन ली जा सकती है।
5-मिनट (5M) चार्ट के प्रमुख स्तर
- 1.1267–1.1275
- 1.1354–1.1363
- 1.1420–1.1432
- 1.1527–1.1531
- 1.1584–1.1594
- 1.1655–1.1666
- 1.1745–1.1754
मंगलवार को यूरोजोन में कोई बड़ा आर्थिक कार्यक्रम निर्धारित नहीं है। हालांकि, अमेरिका में:
- जून महीने की महंगाई (Inflation) रिपोर्ट जारी होगी।
- फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श (Kevin Warsh) अमेरिकी कांग्रेस में अपने दो निर्धारित भाषणों में से पहला भाषण देंगे।
इसलिए पिछले सप्ताह की तुलना में आज बाजार में अस्थिरता (Volatility) बढ़ने की संभावना है।
ट्रेडिंग सिस्टम के मूल नियम
- किसी सिग्नल (Signal) की मजबूती इस बात पर निर्भर करती है कि वह ब्रेकआउट (Breakout) या बाउंस (Bounce) कितनी जल्दी बना। जितना कम समय लगेगा, सिग्नल उतना ही मजबूत माना जाएगा।
- यदि किसी स्तर पर लगातार दो या अधिक गलत सिग्नल मिल चुके हों, तो उस स्तर से मिलने वाले आगे के सभी सिग्नलों को नजरअंदाज करना चाहिए।
- फ्लैट (Sideways) बाजार में कोई भी मुद्रा जोड़ी कई गलत सिग्नल दे सकती है या फिर कोई सिग्नल नहीं दे सकती। ऐसे समय तकनीकी स्तरों की विश्वसनीयता कम हो जाती है।
- 1-घंटे (1H) के चार्ट पर MACD संकेतक के सिग्नलों का उपयोग तभी करें, जब बाजार में अच्छी अस्थिरता हो और ट्रेंड लाइन या चैनल द्वारा ट्रेंड की पुष्टि हो रही हो।
- यदि दो स्तरों के बीच केवल 5 से 20 पिप्स का अंतर हो, तो उन्हें अलग-अलग स्तर नहीं बल्कि सपोर्ट/रेजिस्टेंस ज़ोन माना जाना चाहिए।
- यदि ट्रेड आपकी दिशा में 15 पिप्स आगे बढ़ जाए, तो स्टॉप-लॉस (Stop Loss) को ब्रेक-ईवन (Breakeven) पर ले जाना चाहिए।
चार्ट पर दर्शाए गए संकेतकों का अर्थ
- सपोर्ट (Support) और रेजिस्टेंस (Resistance) स्तर वे लक्ष्य होते हैं जहां Buy या Sell ट्रेड खोले या बंद किए जा सकते हैं। यही स्तर संभावित ट्रेडिंग सिग्नल भी प्रदान करते हैं।
- लाल रेखाएं (Red Lines) ट्रेंड लाइन या चैनल को दर्शाती हैं, जो मौजूदा बाजार रुझान और संभावित ट्रेडिंग दिशा बताते हैं।
- MACD (14,22,3) संकेतक का हिस्टोग्राम (Histogram) और सिग्नल लाइन (Signal Line) सहायक संकेतक हैं, जिनका उपयोग अतिरिक्त ट्रेडिंग सिग्नल प्राप्त करने के लिए किया जा सकता है।
- महत्वपूर्ण भाषण और आर्थिक रिपोर्ट, जो आर्थिक कैलेंडर (News Calendar) में प्रकाशित होते हैं, मुद्रा जोड़ी की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव ला सकते हैं। इसलिए इनके जारी होने के समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए या आवश्यकता पड़ने पर बाजार से बाहर निकल जाना चाहिए ताकि अचानक होने वाले उलटफेर से बचा जा सके।
शुरुआती ट्रेडर्स के लिए सलाह
फॉरेक्स बाजार में ट्रेडिंग शुरू करने वाले नए ट्रेडर्स को यह समझना चाहिए कि हर ट्रेड लाभदायक नहीं होती। लंबे समय तक सफल रहने के लिए एक स्पष्ट ट्रेडिंग रणनीति (Trading Strategy), अनुशासित रिस्क एवं मनी मैनेजमेंट (Money Management) और नियमित अभ्यास सबसे महत्वपूर्ण हैं।
