
जैसा कि मैंने अपनी पिछली समीक्षाओं में उल्लेख किया था, समय डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ काम कर रहा है और ईरान अपनी मौजूदा स्थिति को अच्छी तरह समझता है तथा उसका पूरा लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है। अब यह विचार करने की जरूरत है कि क्या वास्तव में ईरान के पास डोनाल्ड ट्रंप के साथ कोई समझौता करने का कारण है? ट्रंप ने युद्ध शुरू किया, लगभग डेढ़ महीने तक ईरान पर लगातार हवाई हमले किए, उसके सर्वोच्च नेता और उनके परिवार के अधिकांश सदस्यों की हत्या कर दी तथा ईरान के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया। अब अचानक ट्रंप शांति की बात कर रहे हैं और चाहते हैं कि तेहरान वॉशिंगटन की शर्तों पर समझौता कर ले। ऐसे में सवाल उठता है कि ईरान आखिर ऐसा समझौता क्यों स्वीकार करेगा?
इसी कारण मेरा मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच यदि कोई युद्धविराम (Ceasefire) होता भी है, तो वह केवल अस्थायी होगा। जब तक ट्रंप अपनी सेना को वापस उनके ठिकानों पर लौटने का आदेश नहीं देते, तब तक स्थायी और दीर्घकालिक शांति की संभावना बहुत कम है। ईरान न तो आसानी से झुकेगा, न समझौता करेगा और न ही अपने परमाणु कार्यक्रम या हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अपने पूर्ण नियंत्रण को छोड़ेगा। यह बात अब लगभग सभी के लिए स्पष्ट हो चुकी है।
यदि ईरान वास्तव में हर कीमत पर शांति चाहता, तो वह काफी पहले ही वॉशिंगटन की शर्तें स्वीकार कर चुका होता। इसके विपरीत, ईरान वर्षों और यहां तक कि दशकों तक संघर्ष करने के लिए तैयार दिखाई देता है, क्योंकि वह पिछले लगभग 50 वर्षों से सैन्य तनाव के माहौल में जीता आया है। इस पूरे समय में वह कई बार अपने परमाणु कार्यक्रम को छोड़ सकता था और यूरेनियम संवर्धन (Uranium Enrichment) रोक सकता था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। ऐसे में यह संभावना कितनी है कि वह अब ऐसा करेगा?
जैसा कि मैंने पहले भी कहा है, ईरान के पास कई मजबूत रणनीतिक बढ़त (Trump Cards) मौजूद हैं। पहली और सबसे महत्वपूर्ण बढ़त समय है। अमेरिका में कांग्रेस के चुनाव अब कुछ ही महीनों दूर हैं, और मध्य पूर्व में बढ़े तनाव ने पहले ही तेल की कीमतों में 17–18 डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी कर दी है। इसका परिणाम यह होगा कि महंगाई ऊंची बनी रह सकती है और अमेरिकी मतदाता ऐसी नीतियों का विरोध कर सकते हैं जिनका सीधा असर उनकी जेब पर पड़ता है।
लेखक का तर्क है कि यदि डेमोक्रेटिक पार्टी चुनाव जीत जाती है, तो ट्रंप के लिए अपनी इच्छा से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करना कहीं अधिक कठिन हो जाएगा। इसलिए, लेखक के अनुसार, मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में डेमोक्रेटिक पार्टी ईरान के लिए सबसे बड़ा राजनीतिक लाभ पहुंचाने वाला पक्ष बन सकती है।

लेखक के अनुसार, ईरान की दूसरी सबसे बड़ी रणनीतिक बढ़त (Trump Card) हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) है। उनका तर्क है कि इस जलमार्ग की नाकेबंदी करके ईरान पूरी दुनिया पर दबाव बना रहा है ताकि वे डोनाल्ड ट्रंप को नियंत्रित करें। लेखक का कहना है कि अब तक अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस पर कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं दी है और केवल महंगे तेल और गैस की कीमतें चुकाना ही स्वीकार किया है। लेखक के अनुसार, यदि ऐसा ही चलता रहा, तो हॉर्मुज जलडमरूमध्य का उपयोग ऊर्जा कीमतों को ऊंचा बनाए रखने के लिए किया जाएगा, ताकि अमेरिकी मतदाता कांग्रेस चुनाव में मतदान करने से पहले इस बात पर गंभीरता से विचार करें कि वे किसे वोट दें।
EUR/USD का वेव विश्लेषण (Wave Analysis)
किए गए विश्लेषण के आधार पर, लेखक का मानना है कि EUR/USD अभी भी दीर्घकालिक (Long-Term) दृष्टिकोण से तेजी (Bullish Trend) वाले ट्रेंड में है, जबकि अल्पकालिक (Short-Term) नजरिए से यह मंदी (Bearish Trend) के चरण में है।
लेखक के अनुसार, मौजूदा समय लॉन्ग पोजीशन (Buy) बनाने के लिए उपयुक्त हो सकता है, हालांकि वेव 5 इन C के दौरान यह जोड़ी 1.13 के स्तर तक भी गिर सकती है। उनका कहना है कि वेव एनालिसिस अक्सर अप्रत्याशित परिणाम देता है, इसलिए वे अभी से खरीदारी की रणनीति की तैयारी शुरू करने की सलाह देते हैं।
GBP/USD का वेव विश्लेषण (Wave Analysis)
लेखक के अनुसार, GBP/USD की वेव संरचना (Wave Structure) काफी जटिल हो गई है। फिलहाल इस जोड़ी में तीन गिरावट वाली वेव्स (Three Downward Waves) बन चुकी हैं, जबकि EUR/USD में संभवतः पांच वेव्स पूरी हो चुकी हैं।
इस आधार पर लेखक का मानना है कि ब्रिटिश पाउंड में अभी एक और गिरावट वाली वेव बन सकती है, ठीक वैसे ही जैसे यूरो में। हालांकि, यह गिरावट संभवतः एक नए तेजी वाले ट्रेंड (New Bullish Trend) की दूसरी वेव होगी।
इसलिए, लेखक को उम्मीद है कि यूरो और पाउंड की वेव संरचनाओं में कुछ अंतर रहेगा, लेकिन यह अंतर सीमित और मामूली होगा। उनके अनुसार, निकट भविष्य में पहले एक पुलबैक (Pullback) देखने को मिल सकता है, जिसके बाद एक नया तेजी वाला ट्रेंड शुरू हो सकता है। शुरुआती लक्ष्य 1.37–1.38 के आसपास बताए गए हैं।
लेखक के वेव विश्लेषण के मुख्य सिद्धांत
- वेव संरचना (Wave Structure) सरल और स्पष्ट होनी चाहिए।
- अत्यधिक जटिल वेव संरचनाओं पर ट्रेड करना कठिन होता है और वे अक्सर ट्रेंड बदलने का संकेत देती हैं।
- यदि बाजार की दिशा को लेकर पर्याप्त विश्वास न हो, तो ट्रेड में प्रवेश करने से बचना बेहतर है।
- बाजार में कभी भी 100% निश्चितता नहीं होती, इसलिए हमेशा स्टॉप-लॉस (Stop Loss) का उपयोग करना चाहिए।
- वेव विश्लेषण को अन्य तकनीकी विश्लेषण (Technical Analysis) और ट्रेडिंग रणनीतियों के साथ मिलाकर उपयोग किया जा सकता है।
