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FX.co ★ GBP/USD मुद्रा जोड़ी का अवलोकन: साप्ताहिक पूर्वावलोकन — क्या महंगाई ब्रिटिश पाउंड के लिए नई मुश्किलें पैदा करेगी?

GBP/USD मुद्रा जोड़ी का अवलोकन: साप्ताहिक पूर्वावलोकन — क्या महंगाई ब्रिटिश पाउंड के लिए नई मुश्किलें पैदा करेगी?

GBP/USD मुद्रा जोड़ी का अवलोकन: साप्ताहिक पूर्वावलोकन — क्या महंगाई ब्रिटिश पाउंड के लिए नई मुश्किलें पैदा करेगी?

सोमवार को GBP/USD मुद्रा जोड़ी में भी अपेक्षाकृत शांत कारोबार देखने को मिला, जो आश्चर्यजनक नहीं था, क्योंकि उस दिन कोई महत्वपूर्ण मैक्रोइकॉनॉमिक (Macroeconomic) या मौलिक (Fundamental) घटनाक्रम नहीं था। पिछले तीन सप्ताहों में ब्रिटिश पाउंड लगभग 400 पिप्स मजबूत हुआ है। अधिकांश विशेषज्ञ अपने विश्लेषण में पाउंड पर विशेष चर्चा भी नहीं कर रहे हैं, क्योंकि वे यह समझाने में असमर्थ हैं कि जब यूरो लगभग स्थिर बना हुआ है, तब पाउंड में इतनी तेज़ मजबूती क्यों आई।

हमारा मानना है कि ब्रिटिश पाउंड की चाल पूरी तरह तार्किक रही है, जबकि फिलहाल यूरो का व्यवहार अपेक्षाकृत कम तार्किक दिखाई देता है। उदाहरण के लिए, बाजार ने वर्ष के अंत तक फेडरल रिजर्व द्वारा संभावित ब्याज दर वृद्धि (Rate Hike) की संभावना को पहले ही कीमतों में शामिल कर लिया है, लेकिन यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) द्वारा जून में की गई ब्याज दर बढ़ोतरी को लगभग नजरअंदाज कर दिया। कई महीनों तक मध्य पूर्व के भू-राजनीतिक तनाव के दौरान बाजार अमेरिकी डॉलर खरीदता रहा और जब यह संघर्ष (कम से कम अस्थायी रूप से) शांत हुआ, तब भी डॉलर की खरीद जारी रही। ऐसे में यूरो और ब्रिटिश पाउंड जैसी मुद्राओं में मजबूती आना स्वाभाविक और उचित माना जा सकता है। इसलिए यदि इस समय कोई मुद्रा असामान्य व्यवहार कर रही है, तो वह यूरो है, पाउंड नहीं।

इस सप्ताह आर्थिक कैलेंडर में कुछ महत्वपूर्ण घटनाएं शामिल हैं, लेकिन हम द्वितीयक घटनाओं पर ध्यान नहीं देंगे क्योंकि बाजार फिलहाल उनमें से अधिकांश को नजरअंदाज कर रहा है। बाजार इस समय भू-राजनीतिक घटनाओं पर भी सीमित प्रतिक्रिया दे रहा है, इसलिए ध्यान केवल सबसे महत्वपूर्ण रिपोर्ट पर होना चाहिए। इस सप्ताह ऐसी केवल एक प्रमुख रिपोर्ट है—ब्रिटेन की महंगाई (Inflation)बुधवार को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (Consumer Price Index - CPI) जारी किया जाएगा। अनुमान है कि महंगाई दर 2.8% से घटकर 2.6–2.7% के बीच आ सकती है। यदि वास्तविक आंकड़ा अनुमान के अनुरूप या उससे भी कम रहता है, तो बैंक ऑफ इंग्लैंड (BoE) के पास निकट भविष्य में मौद्रिक नीति को और सख्त करने का और भी कम कारण होगा।

हालांकि, बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर एंड्रयू बेली पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि 2026 की दूसरी छमाही में ब्रिटेन में महंगाई फिर से बढ़ सकती है। इसलिए अभी पूरी तरह निश्चिंत होना जल्दबाजी होगी। फिलहाल महंगाई के मौजूदा स्तर को देखते हुए, जुलाई या सितंबर में बैंक ऑफ इंग्लैंड के पास नीतिगत ब्याज दर बढ़ाने का कोई मजबूत कारण नहीं है।

जून का महीना भी महंगाई के लिहाज से राहत देने वाला रहा, क्योंकि मध्य पूर्व का संघर्ष कुछ सप्ताहों के लिए थम गया था और तेल की कीमतें युद्ध-पूर्व स्तर तक वापस आ गई थीं। लेकिन जुलाई में संघर्ष फिर से शुरू हो गया, हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य दोबारा अवरुद्ध हो गया और तेल की कीमतें फिर बढ़कर लगभग 90 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं। ऐसे में जुलाई के अंत तक महंगाई में दोबारा तेजी आ सकती है। इसके बाद क्या होगा, इसका अनुमान लगाना अभी कठिन है।

इस सप्ताह बैंक ऑफ इंग्लैंड का नरम (Dovish) रुख ब्रिटिश पाउंड पर दबाव बना सकता है, खासकर तब जब लगातार तीन सप्ताह की तेज़ बढ़त के बाद पाउंड में सुधारात्मक (Correction) गिरावट शुरू हो चुकी है। इसलिए यदि कोई असाधारण घटना नहीं होती, तो इस सुधार के जारी रहने की संभावना है।

तकनीकी दृष्टिकोण से, सुधार पूरा होने के बाद GBP/USD मुद्रा जोड़ी फिर से ऊपर की ओर बढ़ सकती है और 1.3700–1.3800 के क्षेत्र की ओर रुख कर सकती है। यही वह क्षेत्र है जहां साइडवेज़ चैनल (Sideways Channel) की ऊपरी सीमा स्थित है और जहां कीमत लगभग एक वर्ष से कारोबार करती रही है।

GBP/USD मुद्रा जोड़ी का अवलोकन: साप्ताहिक पूर्वावलोकन — क्या महंगाई ब्रिटिश पाउंड के लिए नई मुश्किलें पैदा करेगी?

पिछले 5 ट्रेडिंग दिनों में GBP/USD मुद्रा जोड़ी की औसत अस्थिरता (Volatility) 98 पिप्स रही है, जिसे पाउंड/डॉलर जोड़ी के लिए "औसत" माना जाता है। मंगलवार, 21 जुलाई को कीमत के 1.3320 और 1.3516 के बीच बने रहने की संभावना है। लीनियर रिग्रेशन (Linear Regression) चैनल की ऊपरी सीमा नीचे की ओर संकेत कर रही है, जो मंदी (Downtrend) की ओर इशारा करती है। वहीं, CCI (Commodity Channel Index) इंडिकेटर ने बेयरिश डाइवर्जेंस (Bearish Divergence) बनाया है और ओवरबॉट (Overbought) क्षेत्र में प्रवेश कर चुका है, जो नीचे की ओर सुधारात्मक (Correction) चाल की शुरुआत का संकेत देता है।

निकटतम समर्थन (Support) स्तर:

  • S1: 1.3367
  • S2: 1.3306
  • S3: 1.3245

निकटतम प्रतिरोध (Resistance) स्तर:

  • R1: 1.3428
  • R2: 1.3489
  • R3: 1.3550

ट्रेडिंग सुझाव:

GBP/USD मुद्रा जोड़ी अभी भी तेजी (Uptrend) बनाए हुए है। डोनाल्ड ट्रंप की नीतियां अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर दबाव बनाए रख सकती हैं, इसलिए दीर्घकाल में अमेरिकी डॉलर में मजबूत बढ़त की उम्मीद नहीं की जा रही है। हालांकि, 2026 भू-राजनीतिक कारणों से डॉलर के लिए काफी सकारात्मक वर्ष साबित हो रहा है, लेकिन हर सकारात्मक दौर का अंत होता है।

साप्ताहिक (Weekly) चार्ट पर 1.3150 और 1.3780 के बीच एक साइडवेज़ (Flat) पैटर्न अभी भी चार वर्षों से चले आ रहे दीर्घकालिक तेजी के ट्रेंड के भीतर बना हुआ है। इसलिए मध्यम अवधि में ब्रिटिश पाउंड में आगे भी मजबूती की संभावना बनी हुई है।

यदि कीमत मूविंग एवरेज (Moving Average) के ऊपर बनी रहती है, तो 1.3516 और 1.3550 के लक्ष्य के साथ लॉन्ग (Buy) पोज़िशन पर विचार किया जा सकता है। वहीं, यदि कीमत मूविंग एवरेज से नीचे आ जाती है, तो 1.3367 और 1.3320 के लक्ष्य के साथ शॉर्ट (Sell) पोज़िशन पर विचार किया जा सकता है।

चार्ट में प्रयुक्त संकेतकों का अर्थ:

  • लीनियर रिग्रेशन चैनल (Linear Regression Channels): वर्तमान ट्रेंड की दिशा और मजबूती का संकेत देते हैं। यदि दोनों चैनल एक ही दिशा में हों, तो ट्रेंड मजबूत माना जाता है।
  • मूविंग एवरेज (20,0, Smoothed): अल्पकालिक ट्रेंड और ट्रेडिंग की दिशा निर्धारित करने में मदद करता है।
  • मरे लेवल्स (Murray Levels): संभावित लक्ष्य (Target) और सुधार (Correction) के स्तर दर्शाते हैं।
  • वोलैटिलिटी लेवल्स (लाल रेखाएं): वर्तमान अस्थिरता के आधार पर अगले दिन कीमत के संभावित दायरे (Price Channel) को दर्शाते हैं।
  • CCI इंडिकेटर: यदि यह -250 से नीचे (Oversold) या +250 से ऊपर (Overbought) पहुंच जाता है, तो यह अक्सर ट्रेंड के विपरीत दिशा में संभावित रिवर्सल (Trend Reversal) का संकेत देता है।
*यहाँ दिया गया बाजार का विश्लेषण आपकी जागरूकता को बढ़ाने के लिए है, यह ट्रेड करने का निर्देश नहीं है
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