मंगलवार के ट्रेड की समीक्षा:
EUR/USD पेयर का 1-घंटे (1H) का चार्ट

मंगलवार को EUR/USD करेंसी पेयर में कुल मिलाकर वही गिरावट का रुझान बना रहा, जो पिछले एक सप्ताह से बाजार में देखने को मिल रहा है। आसान शब्दों में कहें तो, डॉलर बिना किसी स्पष्ट स्थानीय कारण के लगातार मजबूत हो रहा है।
बाजार का ध्यान फेडरल रिजर्व की संभावित ब्याज दर वृद्धि पर केंद्रित है और फिलहाल यही सबसे प्रमुख चर्चा का विषय है। हालांकि डॉलर लगातार मजबूत हो रहा है, फिर भी बाजार के अधिकांश प्रतिभागियों को अभी भी संदेह है कि फेड सितंबर में मुख्य ब्याज दर बढ़ाएगा। और अगर फेड ऐसा करता भी है, तो यह सख्ती केवल एक बार की कार्रवाई होने की संभावना कम है।
सभी ट्रेडर्स के लिए यह स्पष्ट है कि अगर महंगाई में लगातार तेजी आती है, तो उसे नियंत्रित करने के लिए कम-से-कम कई चरणों में मौद्रिक नीति को सख्त करना जरूरी होगा।
क्या केविन वॉर्श और फेड इस तरह के कदम उठाने के लिए तैयार हैं? हमें इन सवालों के जवाब आज शाम मिलने की उम्मीद है।
किसी भी स्थिति में, बाजार ने फेड की संभावित ब्याज दर वृद्धि को लगभग पहले ही कीमतों में शामिल कर लिया है। इसलिए, आज शाम EUR/USD पेयर में ऊपर की ओर रिवर्सल (तेजी) आने की संभावना काफी अधिक है।
EUR/USD पेयर का 5-मिनट (5M) चार्ट

मंगलवार को 5-मिनट (5M) टाइमफ्रेम पर एक बाय सिग्नल बना, लेकिन इंट्राडे वोलैटिलिटी एक बार फिर कमजोर रही और प्राइस मूवमेंट ज्यादातर साइडवेज रहा। शुरुआती ट्रेडर्स के लिए लॉन्ग पोजीशन खोलना पूरी तरह उचित था, लेकिन संभावित मुनाफा लगभग 10–15 पिप्स तक ही सीमित रहा।
बुधवार को ट्रेड कैसे करें:
घंटे के टाइमफ्रेम पर EUR/USD पेयर में गिरावट का रुझान जारी है, जिसे अभी भी करेक्टिव मूवमेंट माना जा सकता है। हाल के महीनों को देखते हुए, हमारा मानना है कि मध्यम अवधि में यूरो को लगातार मजबूत होना चाहिए। फिलहाल डॉलर के पास मजबूती के लिए कोई स्पष्ट कारण नहीं है, सिवाय बाजार के उस लगभग अटूट विश्वास के कि फेड ब्याज दर बढ़ाएगा।
बुधवार को शुरुआती ट्रेडर्स शॉर्ट पोजीशन खोल सकते हैं, जिसका लक्ष्य 1.1461–1.1474 होगा, अगर कीमत 1.1527–1.1531 के नीचे कंसोलिडेट करती है।
अगर कीमत 1.1527–1.1531 के क्षेत्र से उछलती है, तो लॉन्ग पोजीशन खोली जा सकती है, जिसका लक्ष्य 1.1584–1.1594 होगा।
5-मिनट (5M) टाइमफ्रेम पर इन स्तरों पर ध्यान दें:
- 1.1366–1.1377
- 1.1461–1.1474
- 1.1527–1.1531
- 1.1584–1.1594
- 1.1655–1.1665
- 1.1745–1.1754
- 1.1830–1.1837
बुधवार को यूरोजोन में औद्योगिक उत्पादन (Industrial Production) के आंकड़े जारी होंगे और अमेरिका में रिटेल सेल्स (Retail Sales) के आंकड़े प्रकाशित किए जाएंगे। मौजूदा परिस्थितियों में बाजार द्वारा इन रिपोर्टों पर बहुत मजबूत प्रतिक्रिया देने की संभावना कम है।
शाम को मुख्य घटनाएं होंगी — फेड की बैठक, डॉट-प्लॉट जारी होना और चेयर केविन वॉर्श की प्रेस कॉन्फ्रेंस।
ट्रेडिंग सिस्टम के मुख्य नियम:
- किसी सिग्नल की मजबूती इस बात से निर्धारित होती है कि सिग्नल बनने में कितना समय लगता है, यानी रिबाउंड या ब्रेकआउट कितनी जल्दी होता है। जितना कम समय लगेगा, सिग्नल उतना ही मजबूत माना जाएगा।
- अगर किसी निश्चित स्तर पर गलत सिग्नल के आधार पर दो या उससे अधिक ट्रेड खोले जा चुके हैं, तो उस स्तर से मिलने वाले सभी बाद के सिग्नलों को नजरअंदाज कर देना चाहिए।
- रेंज (Flat) के दौरान कोई भी करेंसी पेयर कई गलत सिग्नल दे सकता है या बिल्कुल कोई सिग्नल नहीं दे सकता। ऐसी स्थिति में तकनीकी स्तरों को नजरअंदाज किया जा सकता है।
- घंटे के टाइमफ्रेम पर MACD इंडिकेटर के ट्रेडिंग सिग्नलों पर तभी कार्रवाई करनी चाहिए जब वोलैटिलिटी अधिक हो और कोई ट्रेंड लाइन या ट्रेंड चैनल उस ट्रेंड की पुष्टि कर रहा हो।
- अगर दो स्तर एक-दूसरे के बहुत करीब हों, यानी उनके बीच 5–20 पिप्स का अंतर हो, तो उन्हें एक सपोर्ट या रेजिस्टेंस ज़ोन के रूप में माना जाना चाहिए।
- जब कीमत सही दिशा में 15 पिप्स आगे बढ़ जाए, तो स्टॉप-लॉस को ब्रेक-ईवन पर सेट कर देना चाहिए।
चार्ट पर किन बातों पर ध्यान दें:
सपोर्ट और रेजिस्टेंस के प्राइस लेवल (ज़ोन) का इस्तेमाल खरीद या बिक्री के ट्रेड खोलने के लक्ष्य के रूप में या सिग्नल के स्रोत के रूप में किया जाता है।
लाल लाइनें चैनल या ट्रेंड लाइन को दर्शाती हैं, जो मौजूदा ट्रेंड और ट्रेडिंग की पसंदीदा दिशा को दिखाती हैं।
MACD इंडिकेटर (14,22,3) — इसका हिस्टोग्राम और सिग्नल लाइन एक सहायक इंडिकेटर है, जो ट्रेडिंग सिग्नल भी प्रदान कर सकता है।
न्यूज़ कैलेंडर में सूचीबद्ध महत्वपूर्ण भाषण और आर्थिक रिपोर्टें करेंसी पेयर की चाल को काफी प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए इनके जारी होने के समय ट्रेडर्स को बहुत अधिक सावधानी बरतनी चाहिए या बाजार से बाहर निकल जाना चाहिए, ताकि पहले की चाल के विपरीत अचानक होने वाले रिवर्सल से बचा जा सके।
शुरुआती फॉरेक्स ट्रेडर्स को याद रखना चाहिए कि हर ट्रेड में मुनाफा होना संभव नहीं है। एक स्पष्ट ट्रेडिंग रणनीति विकसित करना और सही मनी मैनेजमेंट का अभ्यास करना ट्रेडिंग में लंबे समय तक सफलता के लिए महत्वपूर्ण है।
