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FX.co ★ जापानी येन अपने निचले स्तर पर पहुंच गया क्योंकि निवेशकों का जापान के केंद्रीय बैंक (Bank of Japan) पर भरोसा कमजोर पड़ गया है।

जापानी येन अपने निचले स्तर पर पहुंच गया क्योंकि निवेशकों का जापान के केंद्रीय बैंक (Bank of Japan) पर भरोसा कमजोर पड़ गया है।

जापानी येन अपने निचले स्तर पर पहुंच गया क्योंकि निवेशकों का जापान के केंद्रीय बैंक (Bank of Japan) पर भरोसा कमजोर पड़ गया है।

जापानी येन के प्रति निवेशकों का भरोसा पिछले चार वर्षों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। बैंक ऑफ अमेरिका ग्लोबल रिसर्च के जुलाई सर्वेक्षण के अनुसार, जापान की मौद्रिक (Monetary) और राजकोषीय (Fiscal) नीतियों को लेकर बाजार की चिंताएं अब अधिकारियों द्वारा संभावित मुद्रा हस्तक्षेप (Currency Intervention) की आशंकाओं से भी अधिक हो गई हैं।

पिछला सप्ताह जापानी मुद्रा के लिए बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा। शुक्रवार को पेंशन फंडों द्वारा घरेलू निवेश बढ़ाने संबंधी अधिकारियों के बयानों के बाद येन में कुछ सुधार देखने को मिला, लेकिन इसके बावजूद अमेरिकी डॉलर पूरे सप्ताह बढ़त के साथ बंद हुआ। USD/JPY मुद्रा जोड़ी अभी भी 1986 के स्तरों के आसपास कारोबार कर रही है, जिससे ट्रेडर्स टोक्यो द्वारा वास्तविक मुद्रा हस्तक्षेप की संभावना को लेकर चिंतित हैं।

बैंक ऑफ अमेरिका के अनुसार, येन के प्रति नकारात्मक धारणा (Bearish Sentiment) 2022 के बाद से अपने सबसे चरम स्तर पर पहुंच गई है। CFTC के आंकड़ों से पता चलता है कि हेज फंडों ने येन में रिकॉर्ड स्तर की नेट शॉर्ट पोजीशन बना ली है, जो 2007 के बाद सबसे अधिक है। यानी सट्टेबाज बड़ी मात्रा में येन के कमजोर होने पर दांव लगा रहे हैं और जापानी अधिकारियों की नियमित मौखिक चेतावनियों को भी नजरअंदाज कर रहे हैं। सर्वेक्षण में शामिल प्रतिभागियों का मानना है कि बैंक ऑफ जापान (BoJ) की कमजोर नीतियां ही येन में संभावित गिरावट का सबसे बड़ा कारण हैं, जबकि ब्याज दरों के अंतर (Interest Rate Differential) का प्रभाव अब इसके मुकाबले कम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

जापान के नीति-निर्माता अब बाजार के बढ़ते दबाव का जवाब देने लगे हैं। वित्त मंत्री सात्सुकी कातायामा ने कहा कि मौद्रिक नीति तय करना केंद्रीय बैंक का अधिकार क्षेत्र है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि गवर्नमेंट पेंशन इन्वेस्टमेंट फंड (GPIF) के पोर्टफोलियो में घरेलू सरकारी बॉन्ड्स की हिस्सेदारी बढ़ाई जानी चाहिए।

इसके बावजूद निवेशकों को अब भी संदेह है कि बैंक ऑफ जापान अमेरिका के साथ ब्याज दरों के अंतर को कम करने के लिए पर्याप्त आक्रामक कदम उठाएगा। 30–31 जुलाई को होने वाली आगामी बैठक में यह उम्मीद की जा रही है कि केंद्रीय बैंक अपनी बेंचमार्क ब्याज दर 1% पर ही बरकरार रखेगा और केवल अपने व्यापक आर्थिक (Macroeconomic) अनुमानों को अपडेट करेगा।

दूसरी ओर, अमेरिकी ट्रेजरी फ्यूचर्स में मजबूती और फेडरल रिजर्व द्वारा लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरें बनाए रखने के संकेत अमेरिकी डॉलर को लगातार समर्थन दे रहे हैं। ऐसे में फिलहाल जापानी येन के लिए दोबारा मजबूती हासिल करने की संभावना सीमित नजर आ रही है।

*यहाँ दिया गया बाजार का विश्लेषण आपकी जागरूकता को बढ़ाने के लिए है, यह ट्रेड करने का निर्देश नहीं है
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