
2026 की पहली छमाही में चीन ने रूस से कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की खरीद में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की। इस दौरान आयात की भौतिक मात्रा 16.7% बढ़कर 5.728 करोड़ टन (57.28 मिलियन टन) हो गई।
चीन के सीमा शुल्क के सामान्य प्रशासन (General Administration of Customs of China) के आँकड़ों के अनुसार, इन आयातों का कुल मूल्य और भी तेज़ी से बढ़ा। रूसी तेल पर चीन का खर्च 31.1% बढ़कर 33.13 अरब डॉलर तक पहुँच गया।
पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में चीन ने लगभग 80 लाख टन (8 मिलियन टन) अधिक रूसी तेल खरीदा, जबकि इस पर उसका कुल खर्च 8 अरब डॉलर बढ़ गया।
हालाँकि मई महीने में रूस के दैनिक तेल निर्यात में हल्की गिरावट आई और यह 9.32 मिलियन बैरल प्रतिदिन से घटकर 7.72 मिलियन बैरल प्रतिदिन रह गया, फिर भी रूस ने चीन के लिए हाइड्रोकार्बन का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता होने का अपना स्थान मज़बूती से बनाए रखा।
चीन के कुल तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी 25% रही, जो दूसरे स्थान पर मौजूद सऊदी अरब (17%) से काफी अधिक है।
रूसी तेल की खरीद में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है, जब मध्य पूर्व में ईरान से जुड़ा संघर्ष एक बार फिर तेज़ हो गया है, जिसके कारण वैश्विक बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुँच गई हैं।
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