
युआन में किए जाने वाले वैश्विक निपटानों (सेटलमेंट) की मांग लगातार बढ़ रही है। China Daily की रिपोर्ट के अनुसार, DBS Bank और चीन की सीमा-पार अंतरबैंक भुगतान प्रणाली CIPS के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया कि जून 2026 में औसत दैनिक लेन-देन की मात्रा बढ़कर 830 अरब युआन (122 अरब डॉलर) हो गई, जबकि 2025 में यह लगभग 680 अरब युआन (100.7 अरब डॉलर) थी। इसका मुख्य कारण एशिया भर में चीनी कंपनियों और उनके व्यापारिक साझेदारों के बीच गहरे होते कारोबारी संबंध हैं।
वैश्विक ऊर्जा बाजारों में बदलाव के बीच युआन के अंतरराष्ट्रीयकरण को और गति मिली है। मध्य पूर्व संकट के कारण भुगतान प्रवाह में बदलाव आ रहा है और तेल के निपटान धीरे-धीरे पारंपरिक डॉलर क्षेत्र से हटकर चीनी मुद्रा की ओर बढ़ रहे हैं। रूसी वित्त मंत्री एंतोन सिलुआनोव के अनुसार, देशों को अधिक विश्वसनीय और सुरक्षित भुगतान साधनों की तलाश करनी पड़ रही है, और राष्ट्रीय मुद्राओं में लेन-देन को लेकर रुचि बढ़ती जा रही है।
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