
भारत में बेरोज़गारी दर अगस्त में घटकर 5.0% हो गई, जो पिछले छह महीनों का सबसे निचला स्तर है। देश के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में बेरोज़गारी दर 5.1% थी। यह आंकड़ा बाजार की उम्मीदों से भी बेहतर रहा, क्योंकि सर्वेक्षण में शामिल विश्लेषकों ने बेरोज़गारी दर बढ़कर 5.2% होने का अनुमान लगाया था। इससे पहले श्रम बाजार की ऐसी मजबूत स्थिति फरवरी में दर्ज की गई थी, जब बेरोज़गारी दर 4.9% थी।
इस व्यापक सुधार का मुख्य कारण कृषि क्षेत्र रहा। ग्रामीण बेरोज़गारी दर जुलाई के 4.5% से घटकर अगस्त में 4.1% हो गई, जो इस साल जनवरी के बाद का सबसे निचला स्तर है। शहरी क्षेत्र की स्थिति हालांकि इतनी स्पष्ट नहीं रही—शहरी बेरोज़गारी दर जुलाई के 6.7% से मामूली बढ़कर अगस्त में 6.8% हो गई।
सभी प्रमुख जनसांख्यिकीय समूहों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला। बेरोज़गार पुरुषों की दर 5.0% से घटकर 4.9% हो गई, जबकि महिलाओं में गिरावट अधिक स्पष्ट रही और यह 5.4% से घटकर 5.1% हो गई।
इसी बीच, आधिकारिक आंकड़ों में कुल श्रम बल भागीदारी में भी वृद्धि दर्ज की गई। 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों की श्रम बल भागीदारी दर जुलाई के 55.4% से बढ़कर अगस्त में 55.6% हो गई। इसी तरह, रोजगार-से-जनसंख्या अनुपात भी 52.5% से बढ़कर 52.8% हो गया।
रोज़गार में इस विस्तार में महिलाओं की बढ़ती श्रम भागीदारी का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। महिलाओं की श्रम बल भागीदारी दर एक महीने में 34.4% से बढ़कर 34.8% हो गई।
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