
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने चीन के साथ एक संयुक्त AI-सुरक्षा अधिसूचना प्रणाली बनाने का प्रस्ताव रखा है। यह विचार चीन के उपप्रधानमंत्री हे लिफेंग के साथ हुई बातचीत में सामने आया था। अब इसे अंतिम मंजूरी के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के आगामी वॉशिंगटन शिखर सम्मेलन में रखा जाना है।
वॉशिंगटन का तर्क है कि दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को उन्नत न्यूरल नेटवर्क के विकास को लेकर गोपनीयता और रहस्य बनाए रखने की नीति छोड़नी चाहिए तथा एक पारदर्शी ढांचे पर सहमत होना चाहिए। इस ढांचे का उद्देश्य साझा लक्ष्यों की पहचान करना और तकनीकी खतरों को तेजी से नियंत्रित करना होगा। बीजिंग ने अभी तक इस प्रस्ताव पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने केवल इतना बताया कि बैठक के एजेंडे में AI भी शामिल था।
मंत्रियों की यह बैठक प्रभावी रूप से राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा से पहले की तैयारी थी। यह यात्रा ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान उनकी पहली अमेरिका यात्रा होगी।
वैश्विक AI शासन के अलावा, दोनों नेताओं को एक और महत्वपूर्ण मुद्दे—बढ़ते व्यापार तनाव—पर तत्काल ध्यान देना होगा। दोनों देशों के बीच अस्थायी सीमा शुल्क समझौता नवंबर की शुरुआत में समाप्त हो रहा है। इसके कारण वॉशिंगटन और बीजिंग को अमेरिकी चिप निर्यात, सोयाबीन की खरीद और चीन से होने वाले दुर्लभ खनिजों (Rare Earths) के निर्यात जैसे मुद्दों पर कठिन बातचीत और समझौते करने होंगे।
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