
जर्मनी अपने रणनीतिक तेल भंडार में कटौती करेगा और बाजार में 1.5 करोड़ बैरल तक तेल तथा रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पाद जारी करेगा। अर्थव्यवस्था मंत्रालय ने यह जानकारी दी। यह कदम G7 देशों द्वारा आपातकालीन ईंधन भंडार से कुल 10 करोड़ बैरल जारी करने की समन्वित योजना का हिस्सा है।
वॉशिंगटन के भारी दबाव के बीच बर्लिन ने यह कदम उठाया। ट्रंप प्रशासन ने यूरोपीय संघ (EU) को अल्टीमेटम दिया था कि या तो यूरोपीय देश स्वेच्छा से अपने आपातकालीन डीजल भंडार में कटौती करें, या फिर अमेरिका ईंधन के निर्यात पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा देगा।
अर्थव्यवस्था मंत्री कैटरीना राइखे ने आश्वासन दिया कि जर्मनी G7 के तहत निर्धारित अपने कोटे को पूरी तरह और नियमों के अनुरूप पूरा करेगा। सबसे पहले भंडारण से रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पाद—डीजल और फ्यूल ऑयल—जारी किए जाएंगे। इसके बाद कच्चा तेल जारी किया जाएगा।
मंत्री के अनुसार, केवल कच्चे तेल का एक बैरल अपने आप में पर्याप्त नहीं है। इसलिए जर्मनी की रिफाइनरियाँ देश की ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने में मुख्य भूमिका निभाती रहेंगी।