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FX.co ★ विश्लेषकों ने AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के बुलबुले से वित्तीय संकट पैदा होने के जोखिम को लेकर चेतावनी दी।

विश्लेषकों ने AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के बुलबुले से वित्तीय संकट पैदा होने के जोखिम को लेकर चेतावनी दी।

विश्लेषकों ने AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के बुलबुले से वित्तीय संकट पैदा होने के जोखिम को लेकर चेतावनी दी।

वॉशिंगटन स्थित थिंक टैंक Open Markets Institute ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े एक महत्वपूर्ण और चिंताजनक मुद्दे पर “Brace For Impact” नाम से एक रिपोर्ट जारी की है।

Futurism द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट के कुछ अंशों के अनुसार, इसके लेखकों का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेक्टर का तेजी से विस्तार एक संभावित बुलबुले (AI Bubble) के संकेत दिखा रहा है। यदि यह बुलबुला फूटता है, तो इससे एक बड़ा वित्तीय संकट पैदा हो सकता है।

शोधकर्ताओं का मानना है कि गंभीर बाजार गिरावट (Market Crash) की आशंका तेजी से बढ़ रही है। मौजूदा स्थिति काफी हद तक 2008 के मॉर्गेज संकट (Mortgage Crisis) से पहले के हालात जैसी दिखाई दे रही है।

ऊर्जा की भारी खपत करने वाले डेटा सेंटर्स को वित्तपोषित करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे सट्टा आधारित ऋण साधनों (Speculative Debt Instruments) को नए वित्तीय उत्पादों के रूप में पैक करके पेंशन फंड, एंडोमेंट फंड और संस्थागत निवेशकों को बेचा जा रहा है। इससे आम नागरिकों की बचत भी बड़े वित्तीय जोखिम के दायरे में आ रही है।

AI इंडस्ट्री की सबसे बड़ी कमजोरी: कमाई और खर्च के बीच बढ़ता अंतर

इस इंडस्ट्री की सबसे बड़ी कमजोरी राजस्व (Revenue) और लागत (Cost) के बीच लगातार बढ़ता अंतर है। प्रमुख AI लैब और बड़ी टेक कंपनियों की कमाई का उनके इंफ्रास्ट्रक्चर और कंप्यूटिंग क्षमता पर किए जा रहे खरबों डॉलर के पूंजीगत खर्च (Capital Expenditure) से कोई खास तालमेल नहीं है।

इस स्थिति के बावजूद कंपनियां तेजी से कर्ज लेकर अपने कारोबार का विस्तार कर रही हैं और अपनी वित्तीय देनदारियां बढ़ा रही हैं।

इस जोखिम को राजनीतिक परिस्थितियां भी और गंभीर बना रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन और संबंधित नियामक संस्थाएं (Regulators) निगरानी और नियंत्रण के नियमों को कमजोर कर रही हैं तथा संभावित खतरों को नजरअंदाज कर रही हैं। सरकारी सब्सिडी के माध्यम से भी बाजार में जरूरत से ज्यादा तेजी को बढ़ावा दिया जा रहा है।

यदि कंपनियां अपने कर्ज का भुगतान करने में असफल रहती हैं, तो उनके डिफॉल्ट (Default) करने की स्थिति पैदा हो सकती है। इससे एक के बाद एक कंपनियों के वित्तीय संकट में फंसने का सिलसिला शुरू हो सकता है, जिसका प्रभाव केवल सिलिकॉन वैली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बैंकिंग सिस्टम तक पहुंच सकता है।

विशेषज्ञों की सरकार से मांग

Open Markets Institute के विशेषज्ञों ने अमेरिकी कांग्रेस, संघीय एजेंसियों और राज्य सरकारों से तत्काल एहतियाती कदम उठाने की अपील की है।

विश्लेषकों ने मुख्य रूप से तीन सुझाव दिए हैं:

  1. AI फाइनेंसिंग में पारदर्शिता: AI कंपनियों को वित्तपोषित करने वाली अपारदर्शी वित्तीय योजनाओं और ऋण व्यवस्थाओं को सार्वजनिक निगरानी के दायरे में लाया जाए।
  2. सब्सिडी पर निर्भरता कम करना: सरकारी सब्सिडी के जरिए AI इंडस्ट्री में जरूरत से ज्यादा निवेश और तेजी को बढ़ावा देने की प्रक्रिया समाप्त की जाए।
  3. पेंशन फंड की सुरक्षा: पेंशन फंड की संपत्तियों को जोखिम भरे टेक्नोलॉजी डेरिवेटिव्स में निवेश करने से प्रतिबंधित किया जाए।

इन कदमों का उद्देश्य वित्तीय प्रणाली की स्थिरता बनाए रखना और भविष्य में किसी बड़े वित्तीय संकट की आशंका को कम करना है।

*यहाँ दिया गया बाजार का विश्लेषण आपकी जागरूकता को बढ़ाने के लिए है, यह ट्रेड करने का निर्देश नहीं है
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