
Apple ने दुनिया की सबसे मूल्यवान सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध कंपनी का खिताब फिर से हासिल किया, Nvidia को पीछे छोड़ा।
Apple ने बाजार पूंजीकरण (Market Capitalization) के मामले में चिप और GPU निर्माता Nvidia को पीछे छोड़ते हुए एक बार फिर दुनिया की सबसे मूल्यवान सार्वजनिक कंपनी का स्थान हासिल कर लिया है। Bloomberg के आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर के अंत तक iPhone निर्माता Apple का बाजार मूल्य लगभग 5.03 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गया, जबकि Nvidia का मूल्यांकन घटकर लगभग 4.93 ट्रिलियन डॉलर रह गया। Apple ने जुलाई के अंत में भी कुछ समय के लिए शीर्ष स्थान हासिल किया था। इसके बाद लगभग तीन महीने तक दोनों कंपनियों के बीच पहले स्थान के लिए मुकाबला चलता रहा, लेकिन अब Apple ने फिर से बढ़त बना ली है।
यह बदलाव अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में अमेरिकी टेक्नोलॉजी शेयरों में व्यापक बिकवाली के बीच हुआ। Intel, Amazon, Alphabet और Meta जैसी बड़ी कंपनियों के निराशाजनक तिमाही नतीजों के बाद शेयरों की कीमतों पर दबाव और बढ़ गया। विश्लेषकों का कहना है कि हाई-टेक कंपनियों के शेयरों में गिरावट की मुख्य वजह कंपनियों पर बढ़ता कर्ज और AI इंफ्रास्ट्रक्चर के बड़े पैमाने पर निर्माण के लिए आक्रामक तरीके से लिया जा रहा उधार है।
AI में किए जा रहे भारी निवेश से निकट भविष्य में मिलने वाले लाभ को लेकर निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ रहा है। कई कंपनियों के कमजोर तिमाही नतीजों के बाद निवेशकों की आशंकाएं और बढ़ गई हैं।
ऐसे माहौल में Apple की अपेक्षाकृत सतर्क रणनीति निवेशकों को आकर्षक लग रही है। कंपनी के प्रबंधन ने AI के विकास को समर्थन देने के संकेत जरूर दिए हैं, लेकिन Apple ने अपने प्रतिस्पर्धियों की तरह जोखिम भरे और महंगे इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े पैमाने पर खर्च करने से काफी हद तक परहेज किया है।
इस सतर्क वित्तीय रणनीति ने कई निवेशकों की नजर में Apple के शेयरों को टेक्नोलॉजी सेक्टर में एक अपेक्षाकृत सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में स्थापित करने में मदद की है।